संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण सर्वेक्षण कार्य में मिल रही लापरवाही
अनुपस्थित रह रहे बीएलओ, अब सख्ती बरतने की है बारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नगर निकाय चुनाव के दौरान तमाम लोग वोट डालने के लिए बूथ पर पहुंचे तो उनका नाम गायब था। ऐसे में उनको बिना वोट दिए ही लौटना पड़ा था। यदि मतदाता सूची को लेकर सजगता नहीं दिखाई तो यह नौबत लोकसभा चुनाव में आ सकती है।
मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की जिम्मेदारी जिन बीएलओ को सौंपी गई है। वह काम में लापरवाही दिखा रहे हैं। ऐसे में नाम छूट सकता है। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
बीते 27 अक्तूबर से मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। इसके तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में नए मतदाता जोड़ने, नामों में संशोधन सहित अन्य प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इसमें शनिवार और रविवार को बूथों पर आने वाले लोगों के नाम संशोधन, नए नाम तोड़ने सहित अन्य कार्रवाई के लिए बीएलओ की ड्यूटी लगी थी। लेकिन शनिवार को जहां 53 बीएलओ ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। वहीं रविवार को 48 लोग गायब रहे। 2064 मतदान केंद्रों पर 3678 बीएलओ तैनात किए गए हैं।
निर्वाचन कार्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी गई है।
कोट
मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में किसी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई होगी। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
- जेएन मौर्या, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी