शराब पीकर हंगामा व स्कूल-कॉलेजों के सामने घूम रहे शोहदे पकड़ में आएंगे...तीसरी आंख की जद में होंगे
0- स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय हो या पेट्रोल पंप सभी जगहों पर लगे कैमरे आईसीसीसी से जोड़े जाएंगे
0- नगर निगम आपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए 500 से अधिक कैमरों को जोड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी।
गोरखपुर। अब शराब की दुकान पर हंगामा करने वाले और स्कूल-कॉलेजों के सामने छात्राओं के साथ छींटाकशी करने वाले शोहदे फौरन पकड़े जाएंगे। शराब की दुकानों के अलावा शहर के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, पेट्रोल पंप के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों को नगर निगम के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। निगरानी के लिए नगर निगम परिसर में ही इंट्रीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर(आईसीसीसी) स्थापित होगा। इसकी निविदा 28 तारीख को खुलेगी। जिसके बाद जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
गोरखपुर नगर निगम, राज्य स्मार्ट सिटी एवं सेफ सिटी परियोजना के तहत नगर निगम परिसर में आईसीसीसी की स्थापना की जाएगी। आईसीसीसी का उद्देश्य महानगर के सभी 80 वार्डों को सीसीटीवी से जोड़ना है। मंशा है कि महानगर की सुरक्षा,प्रशासन की दक्षता में सुधार और निवासियों के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्ता को बढ़ावा दिया जा सके। इसी सोच के साथ नगर निगम वार्डों के अलावा महानगर के बैंक, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, पेट्रोल पंप, मौजूदा आईटीएमएस कंट्रोल रूम के साथ शराब की दुकानें समेत सभी कैमरों को लाइव फुटेज में देखा एवं निगरानी किया जा सकेगा। रिकार्ड किए गए फुटेज का स्थानीय स्तर पर भंडारण किया जा सकेगा।
राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इस परियोजना पर नगर निगम ने 5.15 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत महानगर के 80 वार्डो में लगाए गए 500 से अधिक कैमरे जुड़ेंगे जिनकी निगरानी की जा सकेगी। आईसीसीसी अधिकतम 7 दिन का डेटा संग्रहित कर सकेगा। 7 दिनों के बाद किसी भी क्लाउड स्टोरेज में स्थानांतरित किया जाएगा। टेंडर लेने वाली फर्म को मल्टी-लोकेशन सीसीटीवी निगरानी, लाइव फुटेज, वीडियो प्रबंधन प्रणाली (वीएमएस), केंद्रीकृत नियंत्रण एवं डेटा स्टोरेज की सुविधाएं मुहैया करानी होगी। आईसीसीसी में बड़ी एलईडी स्क्रिन लगाने के साथ किसी भी लोकेशन की फीड देखने की क्षमता होगी। फुटेज के साथ साउंड तक रिकार्ड किया जा सकेगा। कंट्रोल रूम से संदेश भी प्रसारित होंगे।
कोट
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नगर निगम में ही इंट्रीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। ये शहरवासियों की सुरक्षा और गुणवत्ता का ख्याल में रखकर किया जा रहा है। इस केंद्र से कैमरों से निगरानी और उसके डाटा को सुरक्षित रखा जाएगा। शहरवासी इसके लग जाने से खुद को पहले से और सुरक्षित महसूस करेंगे।
गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त, गोरखपुर