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विसर्जन का सूरत-ए-हाल: रात में किया विसर्जित... सुबह तक मूर्तियों से मुकुट-गहने सब गायब

Sat, 25 Oct 2025 11:51 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

एकला बांध पर तीन, डोमिनगढ़ और महेरसा में एक-एक अस्थाई पोखरों में विसर्जन हो रहा है। एकला बांध पर राप्ती किनारे बृहस्पतिवार की रात कुछ लोगों ने आस्था के साथ खिलवाड़ किया। प्रतिमा के पानी में जाते ही उससे गहने और अन्य सामग्री को निकालने की होड़ लग गई।
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मूर्ति विसर्जन करते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शहर में पांच अस्थाई पोखरों में मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं का विसर्जन हो रहा है। बृहस्पतिवार की रात विसर्जन के तुरंत बाद आसपास के लोग पोखरे में से मूर्तियों के मुकुट और गहने निकालकर ले गए। सफाई में लगे कर्मचारी सामान को निकालकर बाहर रखते, इसके पहले ही वहां कुछ लोग पहुंच गए और गहने आदि निकाल ले गए।

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बाद में निगम की टीम ने पोखरे की सफाई करवाई।बुधवार से ही मूर्ति विसर्जन का दौर शुरू है। एकला बांध पर तीन, डोमिनगढ़ और महेरसा में एक-एक अस्थाई पोखरों में विसर्जन हो रहा है। एकला बांध पर राप्ती किनारे बृहस्पतिवार की रात कुछ लोगों ने आस्था के साथ खिलवाड़ किया।

प्रतिमा के पानी में जाते ही उससे गहने और अन्य सामग्री को निकालने की होड़ लग गई। बाद में नगर निगम की टीम ने बचे अवशेष को बाहर रखा। आसपास के गांवों के लोग बांस-बल्ली को उठाकर ले गए। हालांकि, दिन में विसर्जन के दौरान ऐसी चीजें नहीं देखने को मिलीं।
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नवरात्र के बाद विसर्जन के दौरान पोकलेन से अवशेष को निकालकर बाहर कर दिया जाता था। इसके बाद लोग उसमें से अपने जरूरत की चीजों को निकालकर ले जाते थे लेकिन इस बार ये पानी के अंदर ही पहुंच गए।

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