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UP Nikay Chunav 2023: गोरखपुर में जिनके कंधों पर थी मतदान प्रतिशत बढ़ाने की जिम्मेदारी, उन्हीं ने की मनमानी

Fri, 05 May 2023 12:58 PM IST
vivek shukla अरुण चंद, गोरखपुर।

सार

रुस्तपुर वार्ड नंबर 70 में राजीव पांडेय अपने परिवार के साथ मतदान करने गए थे। पता चला कि उनका नाम सेंट्रल पब्लिक स्कूल में है, जबकि परिवार के अन्य लोगों को नाम वहां से 100 मीटर दूर गीता बालिका स्कूल में था। जटाशंकर के पास रहने वाले भोला ने बताया कि हर बार उनका मत डीएवी इंटर कॉलेज में पड़ता था।
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गोरखनाथ क्षेत्र में वोट डालने के लिए वोटर लिस्ट में अपना नाम खोजते हुए। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जिन बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्हीं की मनमानी से बड़ी संख्या में मतदाता, अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह गए। तमाम लोगों को बूथों से निराश लौटना पड़ा, तो कहीं परिवार के एक सदस्य का नाम छोड़ बाकी का नाम काट दिया गया।

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वहीं, बूथ बदलने से कई वोटर भटकते रहे। जिन मतदाताओं ने पिछले निकाय चुनाव में मतदान किया था, उनके नाम भी मतदाता सूची से काट दिए गए। हर बूथ से इस तरह की शिकायतें सामने आईं। बताया जा रहा है कि यदि मतदाता सूची ठीक रहती तो मतदान प्रतिशत और बढ़ता।

वार्ड नंबर 70 के आजाद नगर पूर्वी मोहल्ले के ध्रुव सिंह पिछले दो निकाय चुनावों में वोट डालते आ रहे हैं। इस बार जब सेंट्रल एकेडमी में स्थित अपने बूथ पर परिवार समेत मतदान करने पहुंचे, तो बताया गया कि मतदाता सूची में नाम ही नहीं है। तारामंडल क्षेत्र स्थित सरमाउंट स्कूल के बगल में रहने वाले अमरेंद्र कौशिक के घर में छह वोटर हैं। पिछले निकाय चुनाव में उन्होंने वोटिंग की थी लेकिन इस बार जब बूथ पर पहुंचे तो परिवार के किसी भी सदस्य का नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिला। पूरा परिवार प्रशासनिक व्यवस्था को कोसते हुए वापस लौट आया।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रशासन सिर्फ यह कहकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है कि मतदान से पहले वोटर लिस्ट में नाम जांच लें। लेकिन, न तो आयोग की वेबसाइट ही ठीक से चलती है और न ही उनके एप । बीएलओ आसानी से मिलते नहीं और निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी सीधे मुंह बात नहीं करते। आखिर एक आम आदमी कैसे नाम जांचे।

 

निजामपुर के शनि बूथ पर काफी देर तक मशक्कत करते रहे। मगर उनका और परिवार के चार अन्य लोगों का नाम वोटर लिस्ट में नही मिला। बेतियाहाता के संजीव राय अपने पूरे परिवार के साथ वोट डालने मंगला देवी मंदिर परिसर के पास स्थित बूथ पर पहुंचे, तो पता चला कि उनके भतीजे का नाम ही नहीं है। शहर के एक बड़े स्वर्ण व्यवसायी का परिवार एमजी इंटर कॉलेज पहुंचा, तो 12 में से सात लोगों के नाम वोटर लिस्ट में मिले ही नहीं।

बाबा राघव दास नगर वार्ड के बृजेश श्रीवास्तव का कहना है कि उनके परिवार में से सभी 10 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए जबकि पिछले चुनाव में उन्होंने मतदान किया था। यह भी आरोप लग रहे हैं कि बीएलओ की मिलीभगत से कुछ पार्षद प्रत्याशियों, जिन्हें उम्मीद थी कि संबंधित परिवार से वोट नहीं मिलेगा, उन्होंने नाम ही कटवा दिए।

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पति का नाम वोटर लिस्ट में, पत्नी और भाई का नाम कटा
वार्ड नंबर 16 दिग्विजय नगर में डॉ. अमित मिश्रा का नाम वोटर लिस्ट में था, लेकिन उनकी पत्नी डॉ. मोनिका मिश्रा और भाई मनीष मिश्रा का नाम वोटर लिस्ट से कट गया था। जीनियस पब्लिक स्कूल में वोट डालने पहुंचे डॉक्टर दंपती को इसकी वजह से निराशा हाथ लगी है। डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि एक भाई राजस्थान रहता है, उसका नाम वोटर लिस्ट में था। जबकि, छोटा भाई मनीष गोरखपुर में रहता है, उसका नाम लिस्ट में नहीं था।

वोटर लिस्ट से कट गया नायब काजी के परिवार का नाम
शहर के नायब काजी मुफ्ती मोहम्मद अज़हर शम्सी का नाम वोटर लिस्ट से गायब मिला। सुबह वह अशफाकउल्ला नगर के बूथ पर मतदान करने पहुंचे, लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। नायब काजी ने बताया कि मतदाता सूची से उनका ही नहीं बल्कि उनके भाई व बहन के नाम भी काट दिए गए, जबकि उनके मरहूम वालिद का नाम वोटर लिस्ट में मौजूद था। सिर्फ उनकी वालिदा ही वोट डाल सकीं।
 
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एक ही परिवार के लोगों को अलग-अलग केंद्रों पर डालना पड़ा वोट

रुस्तपुर वार्ड नंबर 70 में राजीव पांडेय अपने परिवार के साथ मतदान करने गए थे। पता चला कि उनका नाम सेंट्रल पब्लिक स्कूल में है, जबकि परिवार के अन्य लोगों को नाम वहां से 100 मीटर दूर गीता बालिका स्कूल में था। जटाशंकर के पास रहने वाले भोला ने बताया कि हर बार उनका मत डीएवी इंटर कॉलेज में पड़ता था।

इस बार नाम खोजने के बाद बीएलओ ने बताया कि बूथ केंद्र बदल गया होगा। डेढ़ घंटे खराब होने के बाद बिना मतदान किए ही लौट गए। सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज में मतदान के लिए पहुंचे कुछ लोगों को गलत पर्ची मिल गई। लाइन में लगने के बाद जब अंदर गए तो पता चला कि इस बार उनका केंद्र बदल कर स्कूल के दूसरे हिस्से में चला गया है।

 उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कुछ बूथों की मतदाता सूची से नाम कटने की सूचना मिली है। लोग शिकायत करें, जांच कराई जाएगी और जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई भी की जाएगी। मतदान के पहले ही सभी से मतदाता सूची में अपना नाम जांच लेने की अपील की गई थी।

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