सूत्रों की मानें तो प्रतिष्ठान से सोने की अपेक्षा चांदी भारी मात्रा में मिली है। इसलिए पहले चांदी का ही तौल कर रिकाॅर्ड तैयार किया जा रहा। इसके अलावा कच्चे पर्चे का एक बंडल भी मिला है। यह पर्चा सोने की खरीद का है। इसका रिकॉर्ड टीम खंगालने में जुटी है। कंप्यूटर और लैपटॉप भी टीम को दुकान पर ही मिला है। इसके रिकाॅर्ड की जांच होगी।
सूत्रों के मुताबिक, खरीद व बिक्री के मिलान में गड़बड़ी पाई गई है। उधर, हनी ज्वेलर्स के मालिक के बड़े भाई की फर्म गायत्री ज्वेलर्स पर छापे की सूचना आई। लेकिन दुकान बंद होने के चलते टीम कार्रवाई नहीं कर सकी।
हनी ज्वेलर्स के प्रोपराइटर सुमित कुमार उर्फ चंदू ने गोरखपुर में तीन साल पहले चांदी का थोक व्यापार शुरू किया था। करीब एक साल तक थोक दुकान से आसपास के जिलों के दुकानदारों को फुटकर चांदी बेचता था। एक साल के बाद उसने सोने के थोक व्यापार का काम शुरू किया। इसी के बाद उसने नेपाल के अलावा बिहार के बड़े ग्राहकों को फर्म से जोड़ लिया था।