42856 लोगों को दी गई है होम क्वारंटीन की सलाहः सीएमओ 126 मेडिकल टीमें कर रही है काम आइसोलेशन और होम क्वरंटीन के अंतर को भी बताया अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। कोरोना महामारी के बीच आइसोलेशन और क्वारंटीन शब्द बड़ी तेजी से आए हैं। इन दोनों शब्दों को सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने स्पष्ट करते हुए बताया है कि जिले में 42856 लोगों को होम क्वारंटीन की सलाह दी गई है। इसके लिए 126 स्वास्थ्य विभाग की टीमें काम कर रही है। जबकि अब तक किसी को भी आइसोलेट की सलाह नहीं दी गई है। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग उन सभी लोगों को क्वारंटीन की सलाह देता है जो विदेश अथवा किसी दूसरे राज्य की यात्रा करके आए हो या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हो। बताया कि सेंटर पर क्वारंटाइन के दौरान संबंधित व्यक्ति को भी 14 दिन तक देखभाल में रखा जाता है। बताया कि आइसोलेशन उस व्यक्ति को किया जाता है जो कोरोना वायरस संक्रमित हो जाता है और उसके संक्रमण होने की पुष्टि डॉक्टर द्वारा कर की जाती है। आइसोलेशन के दौरान उन्हें पूरी तरह की सुविधा दी जाती है उनका ख्याल रखा जाता है और साथ ही उन्हें सभी प्रकार की दवाइयां देकर स्वस्थ करने की प्रक्रिया 14 दिन तक अपनाई जाती है। आइसोलेशन वार्ड घर से दूर किसी एकांत स्थान व अमूमन अस्पताल में ही होते हैं।