गोरखपुर। हेलो कंट्रोल रूम...राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और बहरामपुर दक्षिण का इलाका पानी से घिर गया है। इसमें कुछ नागरिकों एवं पशुओं के फंसे हैं। सूचना मिलते ही फौरन एनडीआरएफ, पुलिस-प्रशासन एवं पीएससी के जवान रामघाट पहुंच गए। बाढ़ में फंसे लोगाें और पशुओं का बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसी बीच एक नाव के पलटने की सूचना एनडीआरएफ की टीम वहां पहुंच गई और डूब रहे लोगाें को रेस्क्यू कर निकाला। पानी पीने से बेहोश कुछ व्यक्तियों को सीपीआर देकर एंबुलेंस से हॉस्पिटल भेजा गया।
यह दृश्य था बृहस्पतिवार सुबह दस बजे आयोजित माॅक ड्रिल का था, जिसे बहरामपुर दक्षिण में बाढ़ का सीन क्रिएट किया गया। कमिश्नर अनिल ढींगरा के साथ डीएम कृष्णा करुणेश, ऑपरेशन सेक्शन चीफ व एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने सभी विभागों की तरफ से स्टेजिंग एरिया में लगाए गए कैंप का निरीक्षण किया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मॉक ड्रिल में बाढ़ आपदा को लेकर टिप्स दिए गए। उधर, कंट्रोल रूम से सूचना पाते ही ऑपरेशन चीफ के निर्देश पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा पीएसी के जवानों ने पीड़ितों को नौसड़ स्थित बादशाह लाॅन में बने राहत शिविर में पहुंचाया। सभी विभागों की टीमों के समन्वित प्रयास से राहत बचाव कार्य में बहरामपुर दक्षिण में बाढ़ में फंसे सभी 17 पुरुष, पांच महिला तथा एक बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पुलिस विभाग, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा और सिंचाई विभाग की टीमों ने बाढ़ की तैयारियों एवं राहत बचाव कार्यों का अभ्यास किया।