व्यापारी से 50 लाख रुपये छीनने के मामले में जेल में बंद दरोगा और उसके एक साथ ही जमानत में अवशेष छह लाख रुपये और फरार तीन आरोपी बाधक बन सकते हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे तीनों आरोपी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, दूसरी तरफ दरोगा व उसका एक साथी जमानत पाने के लिए जमीन तैयार करने में लगा है। वहीं कानून के जानकारों का कहना है कि दरोगा की जमानत में छह लाख रुपये रोड़ा बनेंगे।
दरोगा आलोक सिंह और प्रिंस तिवारी की ओर से उनके अधिवक्ता ने विशेष न्यायधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट नंबर 2 में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। सूत्रों ने बताया कि जमानत के लिए दरोगा की तरफ से यह बताया जाएगा कि वह 50 लाख रुपये अपने कब्जे में लेकर इसकी सूचना उच्च अधिकारी को देने वाला था, किन्हीं कारणों से देर हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दरोगा की इस सफाई पर कानून के जानकारों का कहना है कि आलोक सिंह के पास से केवल 44 लाख रुपये बरामद हुए हैं। ऐसे में वह छह लाख रुपये कहां चले गए, यह पेंच जमानत में फंसेगा। व्यापारी के 50 लाख रुपये छीनने के मामले में जेल भेजे गए निलंबित दरोगा और उसके साथी प्रिंस की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को चार्जशीट नहीं पहुंचने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
कोर्ट ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 अप्रैल निर्धारित की है। उधर, अब तक हुई कार्रवाई के बारे में डीआईजी आनंद कुलकर्णी ने एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से जानकारी ली है।
यह है पूरा मामला
बेनीगंज के लाला टोला निवासी व्यापारी नवीन कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि तीन अप्रैल को चेकिंग के बहाने 50 लाख रुपये से भरा बैग दरोगा आलोक सिंह ने रख लिया। दरोगा के इस कार्य में प्रिंस, प्रचंड, मुकेश और विशाल का भी हाथ है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद दरोगा और प्रिंस को गिरफ्तार कर उनके पास से 44 लाख रुपये बरामद कर लिया था।