अभी तक मंडल में 50 व्यापारियों को इसका लाभ दिया जा चुका है। पहले बीमा कंपनियों की देखरेख में यह योजना संचालित होती थी, जिसके कारण व्यापारियों को लाभ मिलने में देरी होती थी। अब सरकार जीएसटी विभाग को माध्यम से आवेदन स्वीकृत कर भुगतान कर रही।
परिजन कैसे करें आवेदन?
पंजीकृत व्यापारी की अगर दुर्घटना की मौत होती है तो सबसे पहले परिजन को चाहिए कि एफआइआर दर्ज कराएं। एफआइआर की कॉपी, मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्टर, खुद का आधार कार्ड, संबंधों का प्रमाण पत्र अपने जिले के उपायुक्त प्रशासन के यहां जमा करें। इसके बाद इसकी जांच कर पूरी रिपोर्ट संयुक्त आयुक्त जीएसटी के यहां भेजी जाती है। प्रपत्रों की जांच पूरी करने के बाद मंडल कार्यालय से उसे शासन को भेजा जाता है। फिर सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यालय से आश्रित के खाते में सीधे राशि भेजी जाती है।
इन परिजनों को मिल चुका है लाभ
प्रवीण कुमार जायसवाल, अरविंद कुमार, रमेश प्रसाद, रविकांत मिश्रा, स्व फौजदार, विजय कुमार पांडेय, अनिल गिरी, दिनेश कुमार अग्रहरि, रजत सिंह, अनुज कुमार, संतोष कुमार, विनोद त्रिपाठी, कन्हैया लाल जायसवाल, आदित्य कश्यप, अविनाश गौतम, नरेंद्र शर्मा, अवधेश कुमारस मनीष गुप्ता, रामदेव, प्रभारूण मिश्रा, अमित कुमार, प्रमोद शंकर तिवारी, सत्येंद्र विक्रम सिंह, मान सिंह, सुरेश कुमार गुप्ता, सुशील, अजीत सिंह, आकाश जायसवाल,बृजेश, सुरेंद्र गिरी, रघुनाथ, संतोष गुप्ता, प्रशांत सिंह, शंभू, जय नारायण शाह, मधुर भाटिया, प्रवीन मिश्रा, कुलदीप गौड़, बलराम बर्नवाल, गजेंद्र बथवाल, योगेश जायसवाल, अनिल कुमार, उदित राव, अंजनि मिश्रा, राजाराम, ओमप्रकाश, रामदास मौर्य, सत्सेंद्र विक्रम दीपक छापड़िया और सविता छापड़िया शामिल हैं।