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गोविवि: विभागाध्यक्ष और शिक्षक में छुट्टी को लेकर रार, व्हाट्सएप पर न्याय की गुहार

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विज्ञान संकाय के एक विभाग के अध्यक्ष और शिक्षक हुए आमने-सामने
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अवकाश के दिन भी सीएल लेने का आवेदन देने पर माने विभागाध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय के एक विभाग के अध्यक्ष और असिस्टेंट प्रोफेसर के बीच सीएल (कैजुअल लीव) को लेकर रार हो गई। असिस्टेंट प्रोफेसर दो दिन की कैजुअल लीव लेना चाहते थे, लेकिन उन्हें छुट्टी के दिन यानी रविवार के लिए भी सीएल लेनी पड़ी। असिस्टेंट प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर नियम की जानकारी मांगते हुए न्याय की गुहार लगाई है। प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों में इसकी खूब चर्चा है। ग्रुप में सीएल के बहाने शिक्षकों ने छुट्टी के अलग-अलग प्रावधानों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

विज्ञान संकाय के एक विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर ने अपने विभागाध्यक्ष से 3 व 4 नवंबर को सीएल के लिए आवेदन किया। उसके अगले दिन यानी 5 नवंबर को रविवार है। इसे देखते हुए विभागाध्यक्ष ने कहा कि सीएल एक दिन की लें या फिर रविवार समेत तीन दिन की लें। शिक्षक ने अपनी दलील दी कि रविवार को अवकाश है, फिर उस दिन के लिए सीएल क्यों लें? छुट्टी देने का अधिकार विभागाध्यक्ष का है लेकिन विभागाध्यक्ष नहीं माने। इसके बाद शिक्षक अपनी फरियाद लेकर कुलसचिव के पास पहुंचे। कुलसचिव ने शिक्षक की दलील स्वीकारते हुए विभागाध्यक्ष से मिलने की सलाह दी। इसके बाद भी विभागाध्यक्ष नहीं माने। परिणामस्वरूप रविवार को भी सीएल लेनी पड़ी।
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शिक्षक ने हर शनिवार छुट्टी की उठाई मांग

असिस्टेंट प्रोफेसर की ओर से सीएल का मुद्दा उठाने के बाद करीब आधा दर्जन शिक्षकों ने अलग-अलग विषयों पर भी टिप्पणी की है। एक शिक्षक ने पूछा है, विवि में शिक्षक संघ है क्या? एक प्रोफेसर ने लिखा है, यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक विवि में शिक्षकों के लिए पांच दिन ही कार्य दिवस है। वहीं ग्रुप में एक विभागाध्यक्ष ने लिखा कि सीएल (आकस्मिक अवकाश) योजनाबद्ध नहीं लिया जा सकता।
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