- छात्रों की संतुष्टि के लिए इसी सत्र से यह सुविधा देने जा रहा गोविवि प्रशासन
- वर्णनात्मक काॅपियों की तरह ही फीस लेकर दिखाई जाएगी ओएमआर शीट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने छात्रहित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। निर्णय के मुताबिक अब स्नातक छात्र अपनी ओएमआर शीट (वैकल्पिक प्रश्नपत्रों की उत्तर पुस्तिका) देख सकेंगे और नंबर को लेकर अपनी दुविधा या शंका को दूर कर सकेंगे। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन यह सुविधा इसी सत्र से छात्रों को देने जा रहा है। विश्वविद्यालय के इस निर्णय पर परीक्षा समिति ने भी अपनी स्वीकृति की मुहर लगा दी है।
विश्वविद्यालय में अबतक केवल वर्णनात्मक उत्तर पुस्तिकाओं को ही सूचना के अधिकार के तहत दिखाने की व्यवस्था है। वैकल्पिक प्रश्नपत्र की उत्तर पुस्तिका यानी ओएमआर सीट छात्र नहीं देख सकते हैं क्योंकि इसे नियम के दायरे में नहीं रखा गया है। इसे लेकर आए दिन छात्रों का विरोध-प्रदर्शन विश्वविद्यालय परिसर से लेकर प्रशासनिक भवन तक होता रहा है।
नंबर की असंतुष्टि दूर करने की उनकी मांग पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आश्वासन के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। अब जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय ले लिया है कि स्नातक की सभी परीक्षाएं वैकल्पिक प्रश्नपत्रों पर आधारित होंगी, तो इन प्रश्नपत्रों के परिणाम से असंतुष्ट रहने वाले छात्रों को संतुष्ट करने की व्यवस्था भी कर दी गई है। निर्धारित फीस देकर छात्र अपनी ओएमआर सीट का अवलोकन कर सकेंगे।
वर्णनात्मक उत्तर पुस्तिका वाली ही होगी फीस
ओएमआर शीट को देखने के लिए भी छात्रों को वही फीस देनी होगी, जो फीस उन्हें वर्णनात्मक उत्तर पुस्तिका देखने के लिए देनी पड़ती रही है। वर्तमान में वर्णनात्मक उत्तर पुस्तिका देखने की फीस विश्वविद्यालय की ओर से 300 रुपये निर्धारित है। ऐसे में ओएमआर शीट देखने के लिए छात्र को 300 रुपये की रसीद कटानी पड़ेगी और उसे आवेदन-पत्र के साथ परीक्षा विभाग में विश्वविद्यालय की तरफ से घोषित निर्धारित अवधि में प्रस्तुत करना होगा।
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छात्रों की संतुष्टि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब वर्णनात्मक उत्तर पुस्तिका दिखाने की व्यवस्था कर रखी है तो ओएमआर शीट देखने का भी उनका अधिकार बनता है। इसे ध्यान में रखकर ही हमने ओएमआर शीट को दिखाने का निर्णय लिया है। परीक्षा समिति की स्वीकृति भी इस निर्णय को मिल चुकी है। ऐसे में इस सत्र से ही छात्र अपनी ओएमआर शीट देख सकेंगे और नंबर को लेकर अपनी दुविधा दूर कर सकेंगे।
-प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोविवि