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सरकारी दवा प्रकरण: असल आरोपी का पता नहीं, पान विक्रेता को जेल भेजा

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- ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में उरुवा पुलिस ने केस दर्ज की कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
धुरियापार। उरुवा बाजार थाना क्षेत्र के बेलासपुर कस्बे में स्थित पान की गुमटी से सरकारी दवाएं मिलने के मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने पान विक्रेता को जेल भिजवा दिया। जबकि, असल आरोपी कौन है, यह अभी तक पता नहीं चल सका है। जिस एएनएम को दवा दी गई थी, उसके खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जानकारी के मुताबिक, उरुवा थानेदार अरविंद कुमार सिंह ने शुक्रवार की शाम गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर पान की गुमटी से सरकारी दवा को बरामद किया था। इसकी जानकारी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को दी गई तो उन्होंने दवाओं के सरकारी होने की पुष्टि करते हुए बताया था कि दवाइयां एएनएम को बांटने के लिए दी गई थी। अब दवाओं को पान की गुमटी में क्यों रखा गया है, इसकी जांच की जा रही है। वहीं, दुकानदार ने बताया कि पीएचसी उरुवा की एक एएनएम ने एक सप्ताह पूर्व दवा रखी थी। लेकिन, देर रात पुलिस ने सिर्फ पान बेचने वाले को ही आरोपी बनाकर शनिवार को जेल भिजवा दिया।
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26 जून को एक कदम कुपोषण की ओर योजना के तहत वितरण के लिए सभी एएनएम को दवाएं दी गईं थी। जिसमें कर्मी रीना देवी ने भी दवा रिसीव की थी।
डाॅ. जेपी तिवारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी

मैं एक कमरे के किराए के मकान में रहती हूं। अस्पताल से उक्त दवा रिसीव कर पान की दुकान पर यह कहते हुए रखा था कि कार्यक्षेत्र जो लगभग 15 किमी दूर है। वहां जाते समय ले जाऊंगी।
रीना देवी, एएनएम
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