शहर में महिलाओं ने दो दिन गोवर्धन पूजा की। शनिवार को गोवर्धन पूजा की गई थी। रविवार को भी शहर में विभिन्न जगहों पर महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए गोवर्धन पूजा धूमधाम से की। रविवार को भाई दूज भी मनाया गया।
शहर के हट्ठी माता मंदिर परिसर में महिलाओं ने व्रत रह कर गाय के गोबर से गोधन-गोधनी के साथ ही सूर्य, चंद्रमा, गौ माता इत्यादि की आकृति बनाई व उनको तिलक लगाया। घर में कई प्रकार के व्यंजन बनाकर चढ़ाया व विधि पूर्वक पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं।
गोधन को कूट कर इसे छलांग लगाकर पार करने की परंपरा भी निभाई। अन्नकूट का प्रसाद लोगों में वितरित किया गया। मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई। भाई बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक भैया दूज पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर कलावा बांधा व लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनके प्रति प्रेम को दर्शाया। भाई-बहन ने एक साथ भोजन भी किया।