गोविवि : दो चरणों में होंगी बची हुई परीक्षाएं लॉक डाउन नहीं बढ़ा तो जून पहले सप्ताह से शुरु होंगी परीक्षाएं परीक्षा समिति की ऑनलाइन बैठक में परीक्षाओं को लेकर बनी रणनीति अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा समिति की ऑनलाइन बैठक शुक्रवार को हुई। तय किया गया लंबित वार्षिक परीक्षाएं दो चरणों में होगी। लॉक डाउन नहीं बढ़ा तो अंतिम वर्ष की बची हुई परीक्षा को जून प्रथम सप्ताह से शुरू किया जाएगा। बाकी परीक्षाएं दूसरे चरण में होंगी। कुलपति प्रोफेसर विजय कृष्ण सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में परीक्षा कराए जाने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। तय किया गया कि स्थिति नियंत्रण में होने पर अंतिम वर्ष की परीक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ाया गया और कोरोना को लेकर स्थिति नियंत्रण में रही, तो अंतिम वर्ष की बची हुई परीक्षाओं को जून प्रथम सप्ताह से शुरू किया जाएगा। बाकी परीक्षाएं दूसरे चरण में होंगी। परीक्षा के दौरान सुरक्षात्मक बचाव के लिए परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एक एडवाइजरी भी तैयार कराई है। सभी छात्रों का मेन गेट पर थर्मल स्कैनिंग होगा। कक्षाओं में निश्चित दूरी का पालन करते हुए सीटिंग प्लान बनेगा। परीक्षा केंद्र बढ़ाए जाएंगे, जिससे परीक्षार्थियों को पर्याप्त दूरी पर बिठाया जा सके। थर्मल स्कैनिंग में बुखार होने या संदिग्ध पाए जाने वाले छात्रों को अलग कमरे मे बैठाया जाएगा। केंद्र पर साबुन एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी। परीक्षार्थी अपने साथ भी सैनिटाइजर रख सकते हैं। कुलपति ने कहा कि हमारे लिए विद्यार्थियों का जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण है। सत्र विलंबित होगा तो उसे नियोजित किया जा सकता है। हम उन विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिससे आगामी सत्र को नियमित किया जा सके। बैठक में कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह समेत सभी संकायाध्यक्ष एवं परीक्षा समिति के सदस्य उपस्थित थे। --- जल्द घोषित होगा परिणाम बैठक में यह भी तय हुआ कि पीजी. अंतिम वर्ष की कॉपियों का मूल्याँकन शिक्षकों के घर भेजकर कराया जाएगा। जिसे अतिशीघ्र जांचकर जमा करना होगा। उसी क्रम मे अंतिम वर्ष के परिणाम को शीघ्र घोषित किया जाएगा -- मास्क लगाकर आना अनिवार्य विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि विश्वविद्यालय में परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को मास्क लगाकर आना अनिवार्य होगा । परिसर को नियमित रूप से सैनिटाइज भी किया जाएगा।