फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संशोधित: बंदर

विज्ञापन
लहसड़ी में पकड़ा गया बंदर ।
विज्ञापन
गोरखपुर। खोराबार इलाके के लहसड़ी गांव में पिछले कुछ दिनों से उत्पात मचा रहे बंदर को सोमवार को ग्रामीणों ने मंकी कैचर की मदद से पकड़ लिया। गांव वालों ने ही 15 हजार रुपये चंदा करके मंकी कैचर को बुलाया था। बंदर को बोरे में भरकर कुसम्ही जंगल में छोड़ दिया गया। उसी के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन




बंदरों ने गांव के पांच लोगों को काटकर घायल कर दिया था। 25 वर्षीय निखिलेश के पैर से तो मांस का टुकड़ा भी निकाल दिया। इसके बाद से ही ग्रामीणों में बंदर को लेकर आक्रोश था। सोमवार को सुबह ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने मंकी कैचरों को बुलवाया। सुबह करीब छह बजे से ही टीम उसे पकड़ने में जुट गई।



करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद वह बौखलाए बंदर को पकड़ने में सफल हो गई। रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने के लिए वहां पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। जैसे ही बंदर जाल में फंसा तो वहां मौजूद भीड़ चिल्लाने लगी। रेस्क्यू टीम ने उसे एक बोरे में भर लिया और कुसम्ही जंगल में ले जाकर छोड़ दिया।
विज्ञापन




गांव के नंदलाल यादव ने कहा कि गांव में बंदरों का झुंड तो काफी समय से है, लेकिन एक ही बंदर यहां उत्पात मचा रहा था। अब वह पकड़ा गया है तो आराम से गांव में घूम सकेंगे। रामवृक्ष ने कहा कि बंदर के उत्पात की वजह से घर से निकलना मुश्किल हो गया था। बाइक से चलने वालों पर यह बहुत तेज हमला कर रहा था।



बाइक वालों पर कर रहा था हमला



कुछ दिनों पहले बगल के गांव बर्बसपुर में एक बंदर की मौत हो गई थी। ऐसी चर्चा है कि उसे किसी बाइक वाले ने ठोकर मारी थी। इसके बाद से ही बंदर दो पहिया वाहनों को देखकर हमला कर रहे हैं। बंदर के दहशत की वजह से महिलाएं छत पर नहीं जा रही थीं। बच्चे भी घर से बाहर नहीं निकल रहे थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें