बरहुआ ट्रांसमिशन के पास 132 केवीए की लाइन पर सोमवार सुबह बिजली गिरने से शहर के 15 उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो गई। बारिश बंद होने पर आधे घंटे बाद शहर के 14 उपकेंद्रों की आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन गीडा उपकेंद्र की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई।
इससे गीडा सेक्टर 13 व 15 में बिस्किट, फ्लोर मिल, पॉवर लूम समेत 100 से अधिक यूनिटों में उत्पादन बंद हो गया। दोपहर बाद सेक्टर 15 में आपूर्ति शुरू हुई, जबकि सेक्टर 13 में रात में करीब साढ़े आठ बजे आपूर्ति शुरू हुई। इस वजह से करीब 12 घंटे तक फैक्टरियां बंद रहीं।
सोमवार की सुबह पांच बजे बारिश शुरू हुई। सुबह 5:40 बजे गीडा विद्युत उपकेंद्र जाने वाली लाइन 132 केवीए की लाइन पर बिजली गिर गई। फाल्ट की वजह से शहर के मोहद्दीपुर ओल्ड व मोहद्पुर न्यू, रुस्तमपुर, लालडिग्गी व नार्मल सहित 14 उपकेंद्रों की आपूर्ति बंद हो गई।
इससे आधे शहर की बिजली गुल हो गई। पारेषण के मुख्य अभियंता अखिलेश श्रीवास्तव व अधिशासी अभियंता अखिलेश यादव ने बताया कि 132 केवीए की लाइन पर बिजली गिरने से ट्रिंपिंग हो गई थी।
बड़गहन से जीरो प्वाइंट तक डैमेज हो गए इंसुलेटर
बिजली गिरने से बड़गहन से कालेसर जीरो प्वाइंट तक लगभग 10 इंसुलेटर डैमेज हो गए। इससे गीडा व सहजनवां कस्बे की सप्लाई बंद हो गई।
बिजली कर्मियों ने किसी तरह से सुबह 10 बजे आपूर्ति शुरू कराई, तब तक राजकीय महाविद्यालय के सामने, पटखौली व भगौरा में पेड़ की डाल टूटकर तारों पर गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। इसके बाद पूरा दिन इंसुलेटर बदलने व तार जोड़ने में बीत गया। रात करीब साढ़े नौ बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
शहर में भी फाल्ट ने छकाया
बारिश से शहर में भी कई जगहों पर फाल्ट समस्या रही। पादरी बाजार, बिछिया, मोहद्दीपुर आदि जगहों पर कई बार बिजली के आने-जाने से परेशानी हुई। पादरी बाजार में रविवार की रात व दिन में कई बार बिजली के आने-आने से समस्या रही। वहीं, बिछिया में भी उपभोक्ताओं को समस्या का सामना करना पड़ा। साथ ही मोहद्दीपुर के कुछ जगहों पर बिजली कुछ समय तक कटी रही।
कई फैक्टरियों में भर गया बारिश का पानी
रुक-रुक कर हुई बारिश से सेक्टर 13 में कई फैक्ट्रियों में पानी घुस गया। इससे कच्चा और तैयार माल खराब हो गया। वहीं, सुबह 10:55 बजे से गुल हुई बिजली से कई यूनिटों में उत्पादन प्रभावित हो गया। छोटी यूनिटों में जेनरेटर चालू कर मशीनों को चालू रखा गया।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह की यूनिट के साथ ही उद्यमी हरिहर सिंह की ट्रांसफार्मर बनाने वाली यूनिट में पानी घुस गया। इसके साथ ही अंबे प्रोसेसिंग, आलमारी बनाने वाली यूनिट, फ्लोर मिल के साथ विनायक उद्योग में भी पानी घुस गया। अंबे प्रोसेसिंग में तैयार कपड़ा के साथ कच्चा माल भी खराब हो गया। मजदूर देर शाम तक कपड़ों को सुरक्षित करने में जुटे रहे।
प्रशासन की लापरवाही से हुआ बड़ा नुकसान
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि गीडा प्रशासन की लापरवाही से पहली बारिश में ही फैक्टरियों में पानी घुस गया। नालियों की सफाई नहीं होने से दिक्कत आई।
लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि गीडा प्रशासन को नालों की सिल्ट सफाई के लिए कहा गया था, लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। उद्यमियों का कहना है कि बरहुआ से गीडा के लिए 132 केवीए की अलग से लाइन के लिए मांग की जा चुकी है।
सोमवार सुबह 5:40 बजे आकाशीय बिजली 132 केवीए के तार पर गिर गई, जिससे गीडा क्षेत्र में लगभग 10 इंसुलेटर डैमेज हो गया। पूरे दिन इंसुलेटर सही करने कार्य चला। देर रात आपूर्ति बहाल कर दी गई:
रमेश श्रीवास्वतव, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय