एमएमएमयूटी में नए सत्र से टेक्सटाइल और डाटा साइंस के कोर्स शुरू होंगे
साइबर-सिक्योरिटी समेत तीन नए कोर्स में मिलेगी विशेषज्ञता
विद्या परिषद की बैठक कई अहम बिंदुओं पर लगी मुहर
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में आगामी सत्र से टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बीटेक व डेटा-साइंस में बीएससी का कोर्स शुरू होगा। परास्नातक में साइबर सिक्योरिटी में स्पेशलाइजेशन का कोर्स भी विश्वविद्यालय में शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही स्टूडेंट ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसके लिए विभागों को अधिकृत किया गया है। यह सभी कोर्स रोजगारपरक होंगे।
एमएमएमयूटी में सोमवार को हुई विद्या परिषद की बैठक में ये महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सदस्यों ने दो नए कोर्स संचालित करने पर मुहर लगा दी। इसमें बीटेक में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और डेटा-साइंस में बीएससी शामिल है। बीटेक में 60 और बीएससी में 30 सीटे होंगी। इसके अलावा इनफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग , इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विषय में स्नातक कर चुके छात्रों के लिए स्पेशलाइजेशन के भी मौके मिलेंगे। हर विभाग अलग-अलग स्पेशलाइजेशन कोर्स संचालित करेगा। इन कोर्सों को भी मंजूरी मिली है। कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के साथ ही 18 क्रेडिट स्कोर का कोर्स करने पर साइबर सिक्योरिटी का स्पेशलाइजेशन छात्र प्राप्त कर सकेंगे।
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दो कोर्स में बढ़ेंगी सीटें
विद्या परिषद की बैठक में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर साइंस की सीटों को बढ़ाने की भी मंजूरी मिल गई है। दोनों विषयों में 60-60 सीटें और बढ़ जाएंगी। इसके बाद इंफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी में स्नातक की सीट 60 से बढ़कर 120 हो जाएगी। जबकि कंप्यूटर साइंस में स्नातक की सीट 120 से बढ़कर 180 हो जाएगी।
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कोट
आजकल रोजगारपरक कोर्स का समय है। बाजार की मांग के मुताबिक विश्वविद्यालय में कोर्स संचालित होंगे ताकि छात्रों को ऐसे कोर्स के लिए अब कहीं दूसरे जगह भटकना नहीं पड़े। इन सभी कोर्स को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट से मंजूरी दिलाई जाएगी।
प्रो.जेपी पांडेय, कुलपति
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विवि में बनेगी छात्र कल्याण निधि, गंभीर बीमारी का इलाज होगा
गोरखपुर।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय(एमएमएमयूटी) में अब बीमार होने पर किसी छात्र को पढ़ाई नहीं छोड़नी होगी। गंभीर बीमारी होने पर उसके इलाज का पूरा खर्च विश्वविद्यालय प्रशासन उठाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण निधि की स्थापना की जाएगी।
विश्वविद्यालय में मंगलवार को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में रखा जाएगा। इसके अलावा अभिभावक के निधन पर भी छात्र की पढ़ाई पर कोई असर नहीं होगा। छात्र के फीस, हॉस्टल फीस और पढ़ाई का पूरा खर्च विश्वविद्यालय प्रशासन वाहन करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय नियमावली में संशोधन भी करेगा। इस संशोधन का प्रस्ताव मंगलवार को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में रखा जाएगा। यह जानकारी कुलपति प्रो.जेपी पांडेय ने दी। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के हित में अहम कदम है। विश्वविद्यालय के लिए छात्रों का हित सर्वोपरि है । ऐसा कदम पहली बार उठाया जा रहा है।