जलवायु परिवर्तन का असर सीधे तौर पर मौसम पर देखने को मिल रहा है। पहले ठंड का मौसम दिसंबर से 15 जनवरी तक माना जाता था। 15 जनवरी के आसपास मकर संक्रांति से सूर्य के उत्तरायण होने बाद ठंड का असर कम होने लगता था, लेकिन अब यह चक्र 20 से 25 दिन आगे बढ़ गया है। पिछले कुछ वर्षों के मौसम पर नजर डालें तो मकर संक्रांति के बाद से ठंड बढ़ने का दौर शुरू हो रहा है। यह ठंड फरवरी के प्रथम सप्ताह तक रह रही है।
इस सीजन पर ही नजर दौड़ाए तो दिसंबर माह गर्म रहा। जनवरी के प्रथम सप्ताह से ठंड पड़नी शुरू हुई। 12 जनवरी से लगातार शीतलहर का दौड़ जारी है। 15 जनवरी को मकर संक्रांति के बाद से ही ठंड अपने पूरे ऊफान पर दिखी। लगातार 15 दिनों से मौसम लोगों को परेशान किए हुए है। गलन भरी सर्दी के कारण लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार का अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस जो 10 डिग्री नीचे रहा।
वहीं न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से चार डिग्री नीचे रहा। चार-पांच दिनों से लोगों को सर्द हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अभी आगे भी मौसम ऐसे ही बने रहने की संभावना जताई है। मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया 27 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव आने पर स्थिति में बिना किसी विशेष परिवर्तन के मामूली सुधार होने के आसार हैं।
दिन में धूप निकलने पर मिली राहत, आज कोहरा छाने की संभावना
काफी दिनों से ठंड से परेशान लोगों के लिए बृहस्पतिवार राहत भरा रहा। लंबे समय बाद दिन में चटक धूप निकलने से लोगों ने राहत महसूस की। ठंड में घर में दुबके बुजुर्ग और बच्चे छत पर धूप सेंकते नजर आए। वहीं लोग पार्क में भी पहुंच कर धूप का आनंद लेते दिखे गए। मौसम विभाग ने शुक्रवार को घने से अत्यधिक घना कोहरा होने की संभावना जताई है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस था। वहीं अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा। 24 घंटे में ही अधिकतम व न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस से अधिक का तापमान दर्ज किया गया।