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Gorakhpur News: गोरखपुर-वाराणसी हाईवे, संकेतक पर भरोसा किया तो भटक जाएंगे रास्ता

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-गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर संकेतक लगाने में हुईं हैं गलतियां
-हाइवे निर्माण में मिट गए हैं पुराने निशान, अब संकेतक देखकर भटक रहे हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नए निर्माण के बाद गोरखपुर-वाराणसी हाइवे पर यदि आप संकेतक पर भरोसा करते हुए यात्रा करेंगे तो रास्ता भटक सकते हैं। दरअसल हाइवे के किनारे लगे कई संकेतक गलत स्थान पर लगाए गए हैं तो कहीं बोर्ड पर स्थान का नाम ही गलत लिखा है। यहीं कारण है कि हर दिन कई यात्री आगे बढ़कर वापस आते हैं।
गोरखपुर-वाराणसी हाइवे वैसे तो चालू हो चुका है, लेकिन इस पर अभी भी जगह-जगह काम चल रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए बुल्डोजर चले तो चौराहों के पुराने निशान मिट गए। नई सड़क बनने के एक साल बाद जो लोग अपने घर आ रहे हैं, उन्हें अपने चौराहे को पहचानने में मुश्किलें आ रही हैं। ऑटो चालकों की मदद लेनी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में संकेतक गलत होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोरखनाथ ओवरब्रिज के पास रहने वाले आशीष चौधरी ने बताया कि वे सेवई बाजार पहुंचे तो बेलीपार तीन किमी आगे का निशान मिला। तीन किमी दूरी तय करने पर पता चला कि पांच किमी और आगे जाना है। देवरिया के मोहनमठ निवासी मुन्ना चौधरी ने बताया कि वे महावीर छपरा में पहुंचे तो चौराहे से कुछ आगे गड़वापार बोर्ड लिखा है। जब कुछ आगे गए तो पता चला कि महावीर छपरा चौराहा पीछे छूट गया है।
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गोरखपुर-वाराणसी हाइवे पर बाघागाड़ा से कौड़ीराम तक संकेतक गलत मिल रहे हैं। रात में हाइवे पर लाइट भी बंद रहती हैं। राहगीरों को परेशान होना पड़ता है। महावीर छपरा के लोगों ने बताया कि लोग अपना चौराहा नहीं पहचान पा रहे हैं। महावीर छपरा के प्रहलाद यादव ने कहा कि हाइवे पर चौराहों के नाम के संकेतक लगाने की आवश्यकता है।

संकेतक में इस प्रकार की है गलतियां
- बीजरा पुल के पास लगे पत्थर पर बेलीपार की दूरी तीन किमी लिखी है, जबकि वहां से बेलीपार की वास्तविक दूरी सात किमी है।
- भरवलिया के पास लगे संकेतक पर पकोली लिखा है, जबकि वहां पैकौली लिखा होना चाहिए।
- कसिहार चौराहे पर लगे संकेतक पर कनइल लिखा हुआ है, जबकि वहां से कनइल की दूरी पांच किमी है, जो हाइवे के किनारे नहीं है।
- महावीर छपरा स्थित बेलीपार थाने के सामने संकेतक पर गड़वापार लिखा हुआ है, जबकि यह महावीर छपरा चौराहा है।
- हाइवे से कालाबाग जाने के लिए बोर्ड सही लगा, लेकिन इसी स्थान पर भौवापार लिखा हुआ है। भौवापार की जगह भौवापर लिखा है। इसके साथ भौवापार का संकेतक सेवई बाजार में होना चाहिए।
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- सेवई बाजार में लगे पत्थर पर बेलीपार की दूरी तीन किमी दर्शाई गई है, जबकि वहां से बेलीपार चौराहे की दूरी 8 किलोमीटर है।
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कोट-
गोरखपुर-वाराणसी हाइवे पर अभी कार्य किया जा रहा है। सड़क पूरी तरह बनकर तैयार होगी तो हैंडओवर लिया जाएगा। उस दौरान संकेतक की भी जांच होगी। हालांकि, संकेतक में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
आशीष सिंह सेंगर, प्रोजेक्ट मैनेजर, एचएचएआई

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