गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव पर हमला करने वाले आठ छात्रों समेत 22 पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन पर शुक्रवार को बवाल हुआ था। मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप में मुख्य नियंता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने केस दर्ज किया था।
गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कुलपति-कुलसचिव और पुलिस के साथ मारपीट और तोड़फोड करने के मामले में मुख्य नियंता डॉ. सत्यपाल सिंह की तहरीर पर शुक्रवार की देर रात कैंट पुलिस ने आठ छात्रों समेत 22 पर बलवा, मारपीट, सरकारी काम में बाधा, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने, जानलेवा हमला की कोशिश आदि गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
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इनमें से आठ एबीवीपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अन्य आरेापियों की तलाश जारी है। मारपीट की घटना में घायल छात्र अर्पित कसौधन को लखनऊ रेफर किया गया है। हमले में चोटिल कुलसचिव प्रो. अजय सिंह को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में हुई फीस वृद्धि व छात्रों के निलंबन को वापस लेने की मांग को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ता शुक्रवार को कुलपति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। कुलपति के बिना बात किए जाने पर एबीवीपी कार्यकर्ता भड़क उठे। उन्होंने कुलपति को रोकने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिस पर कार्यकर्ता उग्र हो गए।
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कुलपति से हाथापाई के साथ ही कुलसचिव को पीट दिया। बचाव में पहुंची पुलिस से भी हाथापाई की गई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए मौके से दस कार्यकर्ताओं को पकड़ लिया।
पकड़े गए कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के लिए कैंट थाने के बाहर भी सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान भी पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
शुक्रवार की देर रात विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता डाॅ. सत्यपाल सिंह ने तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने आठ छात्र, 13 बाहरी एवं एक ठेकेदार समेत 22 के खिलाफ बलवा, मारपीट, बंधक बनाना, सरकारी कार्य में बाधा डालना के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी अमित चौधरी ने आठ छात्रों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो छात्रों को चोट आने और बीमार पड़ने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने इनको किया है गिरफ्तार
- शक्ति सिंह पुत्र नरसिंह बहादुर सिंह निवासी पिपरा बांध थाना मईल जनपद देवरिया
- प्रिंस तिवारी पुत्र जितेंद्र तिवारी निवासी नारायणपुर पोस्ट पटहेरवा थाना पटहेरवा जनपद कुशीनगर
- शुभम गोविंद राव पुत्र अजय गोविंद राव निवासी बरवां बाजार थाना रामकोला जनपद कुशीनगर हाल मुकाम यशोधरा कुंज थाना रामगढ़ताल
- शिवम पांडेय पुत्र यशवंत पांडेय निवासी ग्राम भुडवार थाना बनकटा देवरिया हाल मुकाम जंगल सिकरी थाना खोराबार
- आलोक गुप्ता पुत्र प्रदीप कुमार गुप्ता निवासी आर्यनगर दिलेजाकपुर थाना कोतवाली
- ऋषभ सिंह पुत्र राजेश सिंह निवासी बरडीहा परशुराम थाना लार जनपद देवरिया
- मयंक राय पुत्र मृत्युंजय राय निवासी पार्वती नगर झारखंडी मंदिर थाना कैंट
- श्रवण कुमार मिश्र पुत्र भरत राम मिश्र निवासी ग्राम बिसरापार पोस्ट देवरिया गंगा थाना खलीलाबाद कोतवाली
केस दर्ज के बाद तीन और धाराओं में हुई बढ़ोतरी
कैंट पुलिस ने मुख्य अभियंता की तहरीर पर 22 नामजद के खिलाफ शुक्रवार की देर रात केस दर्ज किया था। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से केस की धारा में आपत्ति जताने के बाद तीन अन्य धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई। इसमें जानलेवा हमले की कोशिश, सरकारी काम में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा बढ़ाई गई।
इनपर दर्ज हुआ केस
कैंट पुलिस ने जिन पर केस दर्ज किया है उसमें विश्वविद्यालय के छात्र संजीव त्रिपाठी, अर्पित कसौधन, पीयूष मिश्रा, दीपक कुमार, शक्ति प्रकाश सिंह, प्रिंस तिवारी, चंद्रपाल सिंह यादव, सूरज मौर्य उर्फ चंचल शामिल हैं। जबकि हमले में शामिल बाहरी व्यक्तियों में आलोक गुप्ता, ऋृषभ सिंह, अंकित मिश्रा, शिवम पांडेय, शुभम राव, श्रवण कुमार, मयंक राय, प्रभात राय, अभिनव सिंह, ओंकार मिश्रा, अनुराग मिश्रा, दीपक पांडेय, सौरभ गौड़ और पीयूष सिंह शामिल हैं। इसमें पीयूष सिंह ठेकेदार है।
पुलिस लाइन में कराया गया मेडिकल
एबीवीपी के आठ गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को लेकर कैंट पुलिस मेडिकल कराने निकली तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र साथ हो लिए। जिला अस्पताल में भीड़ को देखते हुए सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने सीएमओ से बात कर दो डॉक्टरों का पैनल गठित कराकर पुलिस लाइन में सभी का मेडिकल कराया गया।