एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-दो संजय कुमार के निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर उदित नारायण सिंह ने डिप्टी कमिश्नर सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम को कार्रवाई के लिए भेजा। रेकी के आधार पर मिली जानकारी के आधार पर टीम दोपहर एक बजे फर्म पर पहुंची और चार घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान एक ही कमरे में सरिया, सीमेंट व प्लाईवुड का कारोबार संचालित होते पाया गया। जांच में पता चला कि फर्म के पास न तो कोई गोदाम है और न ही कोई और स्थान जहां माल रखकर कारोबार किया जाता है। इस कार्रवाई में फर्म के संचालक द्वारा फर्जी फर्मों से खरीद-बिक्री दिखाकर आइटीसी का लाभ लिया जाता पाया गया। फर्म ने तारामंडल स्थित अमन ट्रेडर्स से खरीद दिखाया गया है, जबकि इस फर्जी फर्म के विरुद्ध पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। इसके अलावा लखनऊ की कई फर्मों को आईटीसी का लाभ देने के लिए विश्वकर्मा इंटरप्राइजेज ने फर्जी बिल दी है। अब टीम जब्त कागजात के जरिये कर चोरी व जुर्माना की वसूली में जुटी है।