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Gorakhpur News: 10 वर्षों की खोज पूरी हुई, घर लौटे अमित-बॉर्डर पर गणितीय उलझनें कर रहे थे हल; जानें पूरी कहानी

Wed, 14 Aug 2024 10:49 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

बंग्लादेश के पश्चिम बंगाम सीमा  के पेट्रापोल इलाके से अमित मिले। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो वहां एक पड़े के नीचे फटे पुराने कपड़ों में बारिश से गीली हुई मिट्टी में कुछ गणितीय समस्याओं को सुलझा रहे थे। आस-पास के लोगों ने संदिग्ध समझते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना और पुलिस की पूछताछ में पता चला कि अमित, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं। फिर फोटो और सूचनाएं प्रसारित करवाई गई।
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बेटे अमित के साथ पिता गामा - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
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बंग्लादेश में सियासी उलटफेर के बीच गोरखपुर के गामा को खुशी मिली है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो तकरीबन 10 वर्ष पहले घर से अचानक लापता हुआ बेटा अमित उन्हें वापस मिल गया है। बंग्लादेश के पश्चिम बंगाम सीमा  के पेट्रापोल इलाके से अमित मिले।

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मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो वहां एक पड़े के नीचे फटे पुराने कपड़ों में बारिश से गीली हुई मिट्टी में कुछ गणितीय समस्याओं को सुलझा रहे थे। आस-पास के लोगों ने संदग्धि समझते हुए पुलिस को सूचना दी।

सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शख्स से बातचीत की और मिट्टी पर सुलझा रहे गणितीय समस्याओं को देखा तो ताज्जुब हुआ। पूछने पर पता चला कि वो पहचान बता पाने में अक्षम है, लेकिन गणितीय समस्याओं को हल करने का तरीका एकदम ठीक था।
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पूछताछ में उसने बताया कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में घर है। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस ने हैम रेडियो की मदद से उनके बारे में सूचनाएं, उनकी फोटो प्रसारित की और नतीजा कि गोरखपुर में उनके परिवार के पास अमित प्रसाद की सुचना पहुंच गई। परिवार की वर्षों की खोज भी पूरी हो गई। सोमवार को गोरखपुर बड़गो निवासी गामा प्रसाद गोरखपुर से पश्चिम बंगाल पहुंचे।

ऐसे उनकी 10 वर्षों की खोज सावन के सोमवार को पूरी हो गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिता गामा प्रसाद ने बताया कि कहा, "स्कूल में छात्रों को पढ़ाने के अलावा, मेरे बेटे ने कम से कम पांच पड़ोसी गांवों के गरीब परिवारों के 250 से अधिक छात्रों को निशुल्क में गणित पढ़ाया।

गणित के प्रति उसका प्रेम बचपन से ही शुरू हो गया था और उसने जल्दी ही पढ़ाना शुरू कर दिया था. बाद में, वह मानसिक बीमारी से पीड़ित हो गया और लापता हो गया। हमने उसे वर्षों तक खोजा। हमने कभी नहीं सोचा था कि इतने वर्षों बाद वह जीवित दिखाई देगा।

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