गोरखपुर। रेलयात्रा के अनुभव साझा करने पर रेलवे की तरफ से विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया जाएगा। रेलयात्रा वृतांत पुरस्कार योजना के तहत प्रथम पुरस्कार के रूप में 10 हजार, द्वितीय पुरस्कार आठ हजार और तृतीय पुरस्कार छह रुपये मिलेंगे। पांच अभ्यर्थियों को प्रेरणा पुरस्कार के रूप में चार हजार रुपये की धनराशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) की ओर से रेल कर्मियों, रिटायर रेलकर्मियों, उनके परिजनाें और आमजन के रेल यात्रा संबंधी अनुभव मंगाने के लिए रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) की रेल यात्रा वृतांत पुरस्कार योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत अपने यात्रा अनुभव साझा करने वाले प्रतिभागियों को चयनित करके प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया जाता है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले रेलकर्मी दो प्रतियों में अपनी प्रवृष्टि 18 जुला तक राजभाषा अधिकारी, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी कार्यालय, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर को भेज सकते हैं। सेवा निवृत्त रेलकर्मी और अन्य लोग अपनी प्रविष्ट दो प्रतियों में 31 जुलाई तक सहायक निदेशक, हिन्दी (प्रशिक्षण), कमरा नं. 536-डी, रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), रायसीना रोड, नई दिल्ली के पते पर को भेज सकते हैं।
रेलवे से जारी सूचना में बताया गया है कि रेल यात्रा वृतांत हिन्दी में कम से कम 3000 हजार एवं अधिकतम 3500 शब्दों में लिखा होना चाहिए। डबल स्पेश में टाइप, चारों तरफ कम से कम एक इंच का हाशिया छोड़कर लिखा जाएगा। पृष्ठों क्रमानुसार अंकित होने के साथ शब्दों की कुल संख्या लिखी जाएगी। इसके शुरुआत में कागज की एक शीट पर नाम, पदनाम, आयु, कार्यालय/निवास का पता, मातृभाषा, मोबाइल नंबर, ई-मेल तथा वृतांत के शब्दों की संख्या आदि का उल्लेख किया जाएगा। प्रतिभागी की मौलिक रचना ही स्वीकार की जाएगी।