मासूम को देवरिया से गोरखपुर तक धक्के खिलाने और गलत इंजेक्शन देकर मारने की धमकी देने के मामले में चिलुआताल इलाके में संचालित अर्पित हॉस्पिटल के खिलाफ पुलिस की रिपोर्ट मिलने पर सीएमओ ने जांच कर कार्रवाई की है।
अर्पित हाॅस्पिटल की ओटी, एनआईसीयू और आईसीयू को सील करके ताला बंद कर चाबियां गुलरिहा थाने की पुलिस को सौंप दी गई हैं। साथ ही मानक के विपरीत चल रहे हाॅस्पिटल का पंजीकरण भी रद्द कर दिया गया है।
दरअसल, गुलरिहा थाने में देवरिया की लक्ष्मी की तहरीर पर केस दर्ज करके सीओ गोरखनाथ ने अर्पित हॉस्पिटल के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को भेजा था। इसके बाद सीएमओ ने जांच टीम बनाकर अर्पित हॉस्पिटल भेजा था।
जांच के दौरान हॉस्पिटल का पंजीकरण सही नहीं मिला, वहां पर डॉक्टर व संचालक को छोड़कर अन्य सभी स्टाफ मौजूद मिले। इसके बाद टीम ने सील की कार्रवाई की। कार्रवाई की रिपोर्ट सीएमओ ने शनिवार को एसएसपी को भेजी है।
देवरिया की महिला की शिकायत पर खुला मामला
देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 भरौली निवासी लक्ष्मी देवी, देवरानी लीलावती देवी के बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर 108 नंबर एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के लिए 17 जनवरी को आई थीं। वहां कर्मचारियों ने बताया कि वेंटीलेटर खाली नहीं है। बीआरडी से बाहर निकलीं तो अमन गुप्ता नाम के शख्स ने एंबुलेंस चालक से मरीज खरीदने के बाद अर्पित अस्पताल को बेच दिया था।
हालत में सुधार न होने पर अस्पताल प्रशासन से रेफर करने के लिए कहा तो स्टाॅफ ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी और मामले में गुलरिहा पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक प्रवीन सिंह, मैनेजर तुषार, बिचौलिया अमन गुप्ता, 108 एंबुलेंस चालक और ईएमटी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।