कला निकेतन में 31 जनवरी को हुए बवाल पर पुलिस ने अब एक्शन लिया है। सराफा मंडल हिंदी बाजार के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद अग्रहरि उर्फ बबलू अग्रहरि के बेटे दीपक और अन्य को राजघाट थाने की पुलिस ने दुकान में घुसकर मारपीट के मामले में उठा लिया है। उनसे 12 घंटे पूछताछ हुई।
बीती 31 जनवरी को दीपक, बबलू अग्रहरि और अन्य लोगों पर नौ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। बबलू अग्रहरि की तरफ से भी घंटाघर कला निकेतन के कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया गया था। इसी के बाद से मामले में बीचबचाव और समझौते की चर्चा चल रही थी।शुक्रवार सुबह 10 बजे करीब राजघाट थानाध्यक्ष सदानंद सिन्हा अपनी टीम के साथ पूर्व अध्यक्ष के घर पहुंचे और उनके बेटे को राजघाट थाने पूछताछ के लिए ले गए।
दरअसल, पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि 31 जनवरी 2025 को सुबह 11 बजे बबलू अग्रहरि और उनके साथ 20 लोग किसी पुराने विवाद को लेकर दुकान (कला निकेतन) में घुस आए। उन्होंने दुकान में कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इसी तहरीर के आधार पर राजघाट थाने में बबलू अग्रहरि, बेटे संग 20 अज्ञात के खिलाफ नौ धाराओं में केस दर्ज किया गया।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत दुकान के सामने गाड़ी पार्किंग को लेकर हुई थी। दुकान में काम करने वाले एक कर्मचारी से पहले बबलू अग्रहरि के बेटे की कहासुनी हुई। आरोप है कि दुकान के कर्मियों ने बबलू अग्रहरि के बेटे को चौराहे पर पीट दिया था। थोड़ी देर बाद, वह 15 से 20 से अधिक लोगों को लेकर लौटा, जिनके हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की राॅड थी। आरोप है कि हमलावरों ने दुकान में घुसते ही मारपीट शुरू कर दी।
कला निकेतन के मैनेजर से भी हुई पूछताछ
कला निकेतन दुकान के मैनेजर से भी पुलिस ने पूछताछ की। एक आरोपी को पुलिस पूछताछ के लिए लेकर आई फिर कला निकेतन दुकान पहुंची। मौके पर निदेशक के गैरमौजूद होने पर मैनेजर को अपने साथ लेकर थाने आ गई। दोनों पक्षों से पूछताछ के बाद उन्हें वापस जाने दिया गया।
नामजद आरोपियों को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था। लगभग 12 घंटे तक दोनों पक्षों के लोगों से थाने पर पूछताछ की गई। मामले में जांच जारी है। आरोपों और पूछताछ के आधार के पर जांच आगे भी जारी रहेगी:
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी