पिछले दिनों कुशीनगर का गिरफ्तार पशु तस्कर और जब्त की गई गाड़ी
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जिले की पुलिस लगातार पशु तस्करों पर कार्रवाई कर रही है। अधिकतर मामले में तस्कर और गाड़ियां कुशीनगर से संबंधित पकड़ी जा रही हैं। बिहार के भी तस्कर कुशीनगर के रास्ते ही प्रवेश कर प्रदेश के जिलों में धंधा चमका रहे हैं। सूत्रों की माने तो पशु तस्करी में मोटी कमाई देख कुशीनगर में घर-घर पिकअप खरीदी जा रही है।
फायदा देख यहां के नौजवान भी इस धंधे में कूद रहे हैं। जिले की पुलिस ने कुशीनगर के 200 पिकअप की सूची भी तैयार की है। सूत्रों की माने तो कुशीनगर के तस्कर बिहार के सरगनाओं के साठ-गांठ कर उनके इशारे पर काम कर रहे हैं। अधिकतर लोग गाड़ियां खरीदकर सरगना को सौंप देते हैं।
बताया जा रहा है कि प्रतिदिन गाड़ी मालिकों को करीब एक लाख रुपये का फायदा हो रहा है। सोमवार देर रात पुलिस ने घेराबंदी कर काली मंदिर के पास से कुशीनगर पडरौना के सिधुआ गांव निवासी गंगेश कुशवाहा व पडरौना इलाके के बसहिया शाहबाज को गिरफ्तार किया। चालक गंगेश के पास से 100-100 रुपये का नोट कुल 29 सौ रुपये मिला। तस्कर ने बताया था कि बिहार तक रास्ता तय करने में कहीं भी गाड़ी रुकती है तो फुटकर सौ की नोट पकड़ाकर बिना चेकिंग आगे बढ़ जाते हैं।
बिहार के संदिग्ध वाहन चिह्नित
सिविल लाइंस में पशु तस्करों ने 19 दिसंबर को तांडव मचाकर गोवंश उठा ले गए थे। सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने बिहार की चार संदिग्ध पिकअप की पहचान की है। पुलिस का मानना है कि बिहार के ही तस्कर जिले में आए थे। इनके साथ लाइनर भी आगे-आगे चल रहा था। सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरे की मदद से उसकी पहचान कराई जा रही है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
तस्करों पर सख्ती बरतने का दिया निर्देश
डीआईजी आनंद कुलकर्णी ने पशु तस्करी को लेकर बुधवार को मंडल के सभी जिलों के एसपी के साथ बैठक की। इस दौरान कुशीनगर और देवरिया में बढ़ते पशु तस्करी के मामले को देखते हुए नाराजगी व्यक्त की। सभी एसपी से मिलकर पशु तस्करी के धंधे का रोकने के लिए सार्थक प्रयास करने के लिए कहा। बिहार बाॅर्डर की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी चेकिंग बढ़ाने का निर्देश दिया गया।