मुठभेड़ में गोली लगने के बाद बदमाश को ले जाती पुलिस। (फाइल)
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गोरखपुर शहर के रामगढ़ताल इलाके के नौकायन के पास रविवार की रात पुलिस ने जब बदमाश को घेरा था तो आत्मसमर्पण करने के लिए अपील भी की थी। इंस्पेक्टर ने खुद चिल्ला कर बताया कि हम लोग असली पुलिस वाले हैं, हथियार फेंक दो और आत्मसमर्पण कर दो लेकिन इसके बाद भी बदमाश फायरिंग करने लगे और जवाबी फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर अमित को गोली लगी और उसका एक साथी फरार हो गया।
जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ताल थाने के हिस्ट्रीशीटर मंझरिया निवासी अमित (26) पुत्र विष्णु द्वारा वारदात किए जाने की सूचना पुलिस को मुखबिर के जरिए मिली थी। इस सूचना पर इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह अपनी टीम के साथ वाहनों की चेकिंग करने लगे।
रात में नौकायन के पास दो बदमाश बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो बदमाश फायरिंग करने लगे। बचाव और घेराबंदी के दौरान प्रवीण कुमार पांडेय और बबलू कुमार भी गिरकर घायल हो गए। पुलिस ने खुद को बचाते हुए घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस को टारगेट करते हुए गोली दागी।
बचाव करते हुए इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह ने भी जवाबी कार्रवाई की। जिसमें अमित के दाहिने पैर में घुटने के पास गोली लगी और वह वहीं पर गिर गया। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया है। उसकी तलाश में पुलिस टीम को लगाया गया है। आरोपी के पास से पुलिस ने 315 बोर का तमंचा, पांच कारतूस, तीन खोरा बरामद किया है। एक बाइक मिली है। साथी की तलाश की जा रही है।