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Gorakhpur News: अपनों के 'मुर्दा' खातों की मिलेगी जानकारी, रकम भी बैंक से होगी वापस- जानिए कैसे करेंगे आवेदन

Wed, 09 Oct 2024 11:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

लीड बैंक मैनेजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अगर किसी भी बैंक में 10 साल से ज्यादा समय तक कोई लेन-देन नहीं किया जाता है तो खाता पूरी तरह से बंद हो जाता है। उस धनराशि को आरबीआई के यूटीआई में ट्रांसफर कर दिया जाता है। जब कोई नॉमिनी आता है और बैंक में सारी प्रक्रिया को पूरी करता है तो उसे वह राशि मिल जाती है।
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जंगल कौड़िया में शाखा प्रबंधक से खाते की जांच कराते बैंक के ग्राहक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जंगल कौड़िया की एसबीआई शाखा में कूटरचित दस्तावेज के जरिए 80 लाख रुपये से अधिक की जालसाजी का मामला सामने आने के बाद ग्राहकों में दहशत है। अब सभी अपने खातों को चेक कर रहे हैं। कई तो ऐसे हैं, जिनके पिता या रिश्तेदार की मौत हो चुकी है और उनके खातों की जानकारी नहीं है।
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ऐसे में आरबीआई का एक पोर्टल काफी मददगार साबित हो सकता है। इस पोर्टल पर डेथ खाते (मुर्दा) की जानकारी भी मिल जाएगी। पोर्टल के जरिए जिस बैंक में खाता, एफडी होगी, सब कुछ सामने होगा। इसके बाद संबंधित बैंक में जाकर आवेदन करने पर एक महीने के भीतर रकम मिल जाएगी।

RBI - फोटो : ANI
आरबीआई ने अनक्लेम्ड डिपॉजिट-गेटवे टू एक्सेस इंफाॅर्मेशन पोर्टल लांच किया है। लीड बैंक अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि यह डीप अकाउंट में चली गई राशि से जुड़ा पोर्टल है। बैंक उपभोक्ताओं के लिए डाटा तक पहुंच को बेहतर और व्यापक बनाने के लिए आरबीआई ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाने का निर्णय लिया था। उपभोक्ताओं को इनपुट के आधार पर विभिन्न बैंकों में पड़ी राशि को खोज करने लिए मौका मिलता है।

लीड बैंक मैनेजर के अनुसार, यूडीजीएएन पोर्टल से उपभोक्ता आसानी से बैंक खातों और उसमें जमा राशि के बारे में जानकारी कर सकेंगे। फिलहाल पोर्टल पर सात बैंकों में मौजूद मुर्दा खातों की जानकारी की जा सकती है। 15 अक्तूबर तक सभी बैंकों का डाटा मौजूद होने की संभावना है।

एसबीआई की मुख्य शाखा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन बैंक में अनक्लेम्ड कैश
एसबीआई करीब 10 हजार करोड़
पीएनबी करीब 6 हजार करोड़

केनरा करीब 5 हजार करोड़
बैंक ऑफ बड़ौदा करीब 45 हजार करोड़

(सिटी बैंक, धनलक्ष्मी बैंक, साउथ इंडिया में भी कुछ इसी तरह धनराशि है। फिलहाल पूरे देश में 78 हजार 213 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड राशि है। )

बैंक खाता - फोटो : istock
10 साल में खाता पूरी तरह से होता है बंद
लीड बैंक मैनेजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अगर किसी भी बैंक में 10 साल से ज्यादा समय तक कोई लेन-देन नहीं किया जाता है तो खाता पूरी तरह से बंद हो जाता है। उस धनराशि को आरबीआई के यूटीआई में ट्रांसफर कर दिया जाता है। जब कोई नॉमिनी आता है और बैंक में सारी प्रक्रिया को पूरी करता है तो उसे वह राशि मिल जाती है।
 

ऐसे करें आवेदन - फोटो : freepik
इस तरह से कर सकते हैं आवेदन
यूडीजीएएम पोर्टल पर मोबाइल नंबर, नाम, पासवर्ड और दिया हुआ कैप्चा भरें।
पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा। आगे बढ़ने के लिए ओटीपी को दर्ज करें।

खाते में लॉगिन करने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड का उपयोग करें।
एक बार लॉगिन होने के बाद अतिरिक्त सुरक्षा के लिए एक और ओटीपी दर्ज करने के लिए आएगा।
 

आवेदन शुल्क - फोटो : freepik
एक पेज पर खाताधारक का नाम और बैंक का नाम दर्ज करना होगा।
इसके अतिरिक्त पैन, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, पासपोर्ट नंबर या जन्मतिथि जैसे विकल्पों में से खोज मानदंड चुनें।
जमा विवरण को फिर प्राप्त करने और प्रदर्शित करने के लिए सिस्टम को ट्रिगर करने के लिए खोज बटन पर क्लिक करना होगा।
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bank - फोटो : Adobe Stock
लीड बैंक मैनेजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आरबीआई ने अनक्लेम्ड डिपॉजिट-गेटवे टू एक्सेस इंफॉर्मेशन पोर्टल को लांच किया है। अभी फिलहाल सात बैंकों का डाटा मौजूद है। इस पोर्टल से लोग अपनों के उन खातों की जानकारी कर सकते हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं है। जानकारी के बाद संबंधित बैंक में आवेदन कर रकम हासिल कर सकते हैं।
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