गगहा। क्षेत्र के एक गांव की महिला ने कौड़ीराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की एक आशा कार्यकर्ता पर निजी अस्पताल में ले जाकर गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला का आरोप है कि गर्भवती होने के बाद से वह गांव की आशा के माध्यम से कौड़ीराम पीएचसी में इलाज करा रही थी। जून में वह पांच माह की गर्भवती थी। इसी दौरान उसके पेट में दर्द उठा, जिसकी जानकारी उसने आशा को दी। आरोप के मुताबिक आशा ने उससे कहा कि सरकारी अस्पताल में कोई महिला डॉक्टर नहीं है और यहां पर ढंग से इलाज भी नहीं किया जाता।
यह कहकर वह उसे हाटा स्थित एक निजी अस्पताल ले गई, जहां इलाज से पहले ही 28 हजार रुपये जमा कराए गए। आरोप है कि इलाज के दौरान उसे गलत इंजेक्शन दे दिया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद डाॅक्टर ने अस्पताल में ही उसका गर्भपात कर दिया। गर्भपात के बाद भी महिला को आराम नहीं मिला तो उसने गोरखपुर शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया। महिला का आरोप है कि पिछले दो महीने से वह थाने और सीएमओ कार्यालय का चक्कर लगा रही है, लेकिन किसी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री, एडीजी गोरखपुर समेत अन्य उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर अस्पताल व आशा कार्यकर्ता पर कार्रवाई की मांग की है।