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Gorakhpur News: पहली सूचना किसके पास आई, केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में जुटी

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गोरखपुर। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) दिल्ली की टीम भी तीन हजार रुपये तक की ऋणमाफी के अफवाह की जांच कर रही है। इसे लेकर दिल्ली से टीम गोरखपुर पहुंची थी। टीम इस उलझन में है कि आखिर ये सूचना महिलाओं तक कैसे पहुंची। इसे व्हाट्सएप के जरिए पहुंचाया गया या मौखिक, इसकी जांच कर रही है। हालांकि, आईबी की जांच में सामने आया है कि अधिकतर महिलाओं के पास मल्टीमीडिया फोन की जगह की पैड वाला सामान्य फोन है। ऐसे में उनके पास व्हाट्सएप के जरिए ये मैसेज नहीं भेजे गए हैं। अब टीम भी इसकी जांच कर रही है कि आखिर ये मैसेज इन महिलाओं के पास किसके जरिए पहुंचाए गए थे और इसके पीछे मंशा क्या थी?
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आईबी की जांच में सामने आया है कि महिलाओं को साजिश के तहत ही इस ऋणमाफी के छलावे में डालकर गोरखनाथ मंदिर भेजा गया था। दशहरे के दिन भी कुछ महिलाएं आई थीं और उसके अगले दिन भी ऐसी महिलाएं मंदिर के आस-पास देखी गई थीं। लेकिन, सोमवार को इनकी संख्या अचानक बढ़ गई। एजेंसी हैरत में है कि किसी एक खास जिले से नहीं, बल्कि एक ही समय में एक साथ आस-पास के कई जिलों की महिलाओं को ऋणमाफी के झूठे प्रलोभन के साथ गोरखनाथ मंदिर भेजा गया था। अब ये बात महिलाओं को किसी न किसी के जरिए एक साथ इन सभी जिलों में कही गई होगी। तभी ये महिलाएं एक साथ झुंड में गलत प्रलोभन में पड़कर मौके पर पहुंच गईं।
दरअसल, सोमवार को माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लिए कर्ज पर तीन हजार रुपये तक की ऋणमाफी की अफवाह पर बड़ी संख्या में महिलाएं गोरखनाथ मंदिर पहुंच गईं। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कर्ज लेने वाली ये महिलाएं कैंपियरगंज, भटहट, संतकबीरनगर और महराजगंज से आई थीं। सभी महिलाएं सीएम कैंप कार्यालय तक जाने की जिद कर रही थीं। पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया था। काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। पुलिस ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद महिलाओं को समझा-बुझाकर वापस किया। अब इस पूरे मामले की जांच आईबी की टीम भी कर रही है।
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