गोरखपुर। बकाया किश्त पर ट्रक को माफिया के गुर्गों द्वारा जबरन कब्जे में लेने मामले में बुधवार को सीओ कैंट के ऑफिस में पीड़ित अजय श्रीवास्तव से पूछताछ हुई। पहले माफिया पर आरोप लगाने वाला अजय बयान में पलट गया और पुलिस को बताया कि ट्रक चालक के कहने पर शिकायती पत्र में माफिया का नाम डाल दिया था। ट्रक चालक ने ही उन्हें बताया था कि कई लोगों के साथ एक व्यक्ति आया था, वह खुद को माफिया का रिश्तेदार बता रहा था। मैंने उसके बारे में पता किया तो वह माफिया का रिश्तेदार निकला।
सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रक मालिक ने जिस पर आरोप लगाया था, वह उसको जानता नहीं है। यह बयान उसने दिया है। ट्रक मालिक चालक के कहने पर उसका नाम पर डाला था। उसका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। बृहस्पतिवार को बैंक के मैनेजर से भी पूछताछ की जाएगी। जांच पड़ताल चल रही है। जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी। रामजानकी नगर बशारतपुर निवासी अजय कुमार श्रीवास्तव ने कमिश्नर से शिकायत की थी कि उन्होंने एक प्राइवेट बैंक से फाइनेंस पर ट्रक लिया था। कोरोना काल में कुछ किश्त न जमा करने पर बैंक ने रिफाइनेंस कर दिया था। 11 सितंबर 2024 को माफिया के गुर्गों ने खोराबार इलाके में अजय की गाड़ी रोकी और चालक को मारपीट कर गाड़ी छीन ले गए। कमिश्नर के निर्देश पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।