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Gorakhpur News: समूह में फंसकर कर्जदार बनीं..अब पति दे रहे तलाक की धमकी- बैंक कर्मी घर पहुंच रहे वसूली करने

Sat, 28 Sep 2024 03:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

हस्पतिवार को एसएसपी से मिलकर महिलाओं ने न्याय की गुहार लगाई थी। एसएसपी के निर्देश पर शुक्रवार को पीड़ित महिलाओं को हरपुर बुदहट थाने बुलाया गया। वहां महिलाओं को थाना प्रभारी ने एक-एक कर बुलाकर बयान दर्ज किया। देर शाम इस मामले में आरोपी संचालिका रूपा और उसके पति दिनेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।
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Fir demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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गोरखपुर के देवराडतुला गांव की समूह के कर्ज में फंसी महिलाओं के घरों में विभिन्न बैंकों से वसूली करने बैंक कर्मी पहुंच रहे हैं। इससे झल्लाकर पति कर्जदार बनीं महिलाओं से रिश्ता तोड़ने की बातें कर रहे हैं। कई महिलाओं के पति तलाक की धमकी देकर घर छोड़कर बिना बताए कहीं चले गए हैं। ऐसे में एक तरफ रिश्तों को बचाना, वहीं दूसरी तरफ इतने बड़े कर्ज से छुटकारा पाना, महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

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बृहस्पतिवार को एसएसपी से मिलकर महिलाओं ने न्याय की गुहार लगाई थी। एसएसपी के निर्देश पर शुक्रवार को पीड़ित महिलाओं को हरपुर बुदहट थाने बुलाया गया। वहां महिलाओं को थाना प्रभारी ने एक-एक कर बुलाकर बयान दर्ज किया। देर शाम इस मामले में आरोपी संचालिका रूपा और उसके पति दिनेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।

देवराडतुल गांव की महिलाओं का कहना है कि वर्तमान में 20 अलग-अलग बैंकों की टीमें वसूली के लिए पहुंच रही हैं। बैंक कर्मियों के डर से घर के पुरुष सुबह ही घर छोड़कर बाहर निकल जा रहे हैं।
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महिलाओं का कहना है कि बैंक कर्मी बहुत ही खराब तरीके से बातें कर रहे हैं। घर का रसोई गैस सिलेंडर, साइकिल और बाइक उठा ले जाने की धमकी दे रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि घर बेचकर भी वे लोन चुकता नहीं कर पाएंगी। परिवार भी टूटने की कगार पर आ गया है।

संचालिका को बंगाली डॉक्टर बुलाते थे
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि देवराडतुल गांव में करीब 20 वर्ष पहले एक महिला पति और बेटी के साथ आकर किराए का कमरा लेकर रहने लगी। उसे गांव में बंगाली डॉक्टर कहकर बुलाते थे। ग्रामीण छोटी-मोटी बीमारी में उससे दवा लेते थे। धीरे-धीरे वह पूरे गांव की खास हो गई थी।

पिछले साल उसने सभी महिलाओं को मिलकर एक समूह बनाया, उसका संचालन खुद करने लगी। इसी बीच करीब 20 बैंकों से 1.50 करोड़ रुपये लोन स्वीकृत कर निकाल लिया। पता चलने पर उसके पास जाकर महिलाओं ने पूछताछ की तो उसने कहा कि बेटी का मेडिकल में एडमिशन करवाना था, इसलिए समूह का पैसा निकालकर जमा कर दिया।

आश्वासन दिया कि बहुत जल्द सारा लोन जमा कर देगी। कुछ ही दिन बाद आठ सितंबर 2023 को वह घर में ताला बंद कर फरार हो गई।

पीड़िता गीता ने बताया कि पति ने कह दिया है कि मैं कुछ नहीं जानता, तुम समझो। मेरे ऊपर 18 बैंक के ब्रांच से आठ लाख रुपये लोन बताया जा रहा है। बैंककर्मी गाली देते हुए कहते हैं कि पैसा जमा करो, चाहे घर बेच दो।
पीड़िता कलावती ने बताया कि मेरे ऊपर 10 बैंक से पांच लाख रुपये का लोन बताया जा रहा है। इसे जमा कराने के लिए बैंककर्मी परेशान कर रहे हैं। जबरदस्ती सामान ले जाने की बार-बार धमकी दी जा रही है।

पीड़िता संध्या ने बताया कि मेरे पति दिहाड़ी मजदूर हैं। बार-बार बैंक वालों के घर आने पर उनसे बैंक कर्मियों से रोज बहस होती हैं। मेरे ऊपर 14 बैंकों का छह लाख रुपये कर्ज बताया जा रहा है।
पीड़िता किरन देवी ने बताया कि मेरे पति बार-बार मुझसे झगड़ा कर रहे हैं। मेरे ऊपर 13 बैंकों का सात लाख रुपये लोन बकाया बताया जा रहा है। बैंक वाले रोज धमकी दे रहे हैं, समझ में नहीं आ रहा क्या करूं।

एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में जांच कर आरोपी समूह संचालिका व उसके पति पर हरपुर-बुदहट थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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