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हनीट्रैप : एआई तकनीक से महिला बन फंसाया, फिर जोड़ दिया आईएसआई से

Sat, 25 May 2024 05:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

एटीएस सूत्रों की जांच में सामने आया है कि कीर्ति महिला नहीं पुरुष है। करीब 20 माह से दोनों का संपर्क था और इस दौरान एक बार भी कीर्ति से न मुलाकात हुई और न ही किसी तरह का आमना-सामना हुआ।एआई तकनीक से वीडियो चैट से बात करके जल्द मिलने और प्यार का भरोसा दिलाने के साथ ही उसने अपनी दो-तीन महिला दोस्तों से जरूर मिलवा दिया।
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एटीएस ने राम सिंह को गिरफ्तार किया है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देशविरोधी गतिविधियों में शामिल पिपराइच निवासी राम सिंह एआई तकनीक से प्यार के फेर में पड़कर हनीट्रैप का शिकार हो गया। एटीएस को रिमांड के दौरान उससे पूछताछ में पता चला है कि जिस पाकिस्तानी युवती कीर्ति से उसकी चैट होती थी, वह महिला नहीं पुरुष है। एआई तकनीक से खुद को महिला दिखाकर उसने दोस्ती बढ़ाई और वह उसके जाल में फंस गया।

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सूत्रों के मुताबिक, फेसबुक से हुई दोस्ती प्यार में बदल गई और इस दौरान तथाकथित नाम वाली दोस्त कीर्ति ने दो-तीन महिला दोस्तों संग उसकी मुलाकात करवाई। राम सिंह को पता था कि कीर्ति पाकिस्तान की है। इसके बाद भी प्यार में डूबे राम सिंह उसे गोवा शिपयार्ड से जहाजों का फोटो-वीडियो भेजता चला गया।

रिमांड के दौरान एटीएस संग पूछताछ में ये तथ्य अभी तक सामने आए हैं। एटीएस ने जब राम सिंह से कीर्ति संग पहली मुलाकात का जिक्र किया तो पता चला कि वह एआई तकनीक से हनीट्रैप के जाल में उलझ गया और विश्वास जीतने के चक्कर में देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया।
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एटीएस सूत्रों की जांच में सामने आया है कि कीर्ति महिला नहीं पुरुष है। करीब 20 माह से दोनों का संपर्क था और इस दौरान एक बार भी कीर्ति से न मुलाकात हुई और न ही किसी तरह का आमना-सामना हुआ।एआई तकनीक से वीडियो चैट से बात करके जल्द मिलने और प्यार का भरोसा दिलाने के साथ ही उसने अपनी दो-तीन महिला दोस्तों से जरूर मिलवा दिया।

हालांकि एटीएस सूत्रों ने बताया कि इससे ज्यादा राम सिंह खुद नहीं बता पाया। फिर भी उसके कहने पर कुछ अंजान लोगों के खातों में राम सिंह ने गुगल और फोन से भुगतान कर दिया। इसके पहले राम सिंह के खाते में करीब दो लाख 58 हजार रुपये भेजे गए थे। ये रुपये पाकिस्तान से आए थे और इसमें अपना कमीशन काटकर करीब डेढ़ लाख रुपये राम सिंह ने कीर्ति के बताए लोगों के पास भेजे थे।

फॉरेंसिक जांच में खुला ट्रांसफर का डिटेल
एटीएस ने राम सिंह के एसबीआई के दोनों बैंक खातों को आर्थिक अपराध शाखा में परीक्षण के लिए भेजा था। सूत्रों ने बताया कि वहां सामने आया कि राम सिंह ने अक्तूबर के बाद से करीब 11 ऐसे खातों में रुपये भेजे, जिसका रिकाॅर्ड उसके पास खुद नहीं था।

पूछने पर बताया कि जरूरत पड़ने पर उसे रुपये भेजने के लिए कीर्ति ने कहा था। हालांकि, कीर्ति देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ी है, यह राम सिंह जान गया था। इसके अलावा मोबाइल की जांच भी फॉरेंसिक से करवाई गई थी।

प्यार करती है और शादी करेगी, यह दिया था झांसा
ृपूछताछ में सामने आया कि विश्वास में लेने के लिए ही पांच-छह महीने पहले कीर्ति ने राम सिंह की मां को फोन किया था। उसने शादी की इच्छा जताई थी। इससे राम सिंह को अपने प्यार पर और भरोसा हो गया था। एटीएस से पूछताछ में उसने बताया कि जल्द ही शादी कर घर बसाने और पाकिस्तान छोड़ देने का भी भरोसा कीर्ति ने दिया था। इसी वजह से राम सिंह अपना घर जल्द बनवा रहा था।



ऐसे हुई थी दोस्ती, फंस गया प्यार के जाल में

फेसबुक से राम सिंह की आईडी पर कीर्ति ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। पहले मैसेंजर से बातचीत हुई। फिर एक दूसरे का फोन नंबर लिया। इसी के बाद व्हाट्सएप चैट और वीडियो चैट से बातचीत शुरू हो गई। कीर्ति पाकिस्तान से ही इंटरनेशनल रोमिंग के सहारे इन नंबरों से बात करती थी। इससे उसे भरोसा हो गया कि पाकिस्तान से वह भारत में आ गई है और उससे शादी कर परिवार बसा लेगा।

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