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Gorakhpur News: सहजनवां तहसील का शौचालय गंदा... हम तुम्हारे ऑफिस की करेंगे जांच

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गोरखपुर। सहजनवां तहसील दिवस में शनिवार को बाल विकास विभाग की मुख्य सेविका आशा सिंह ने शौचालय में गंदगी की शिकायत की तो आरोप है कि तहसीलदार भड़क गए। उन्होंने कहा कि हम तुम्हारे ऑफिस की जांच करेंगे। दरअसल, सुपरवाइज अपने विभाग की तरफ से तहसील दिवस में आई थीं। शौचालय में गईं तो गंदगी देखकर लौट आईं। उन्होंने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर इसे साफ कराने की बात कही थी। इधर, एसडीएम का कहना है कि तहसील के शौचालय में कोई गंदगी नहीं है। दो दिन पहले ही उसकी सफाई कराई गई थी। मुख्य सेविका मानसिक रूप से बीमार हैं।
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शनिवार को तहसील दिवस में बाल विकास परियोजना पिपरौली की मुख्य सेविका आशा सिंह भी अपने विभाग की तरफ से पहुंची थीं। वह जब शौचालय गईं तो वहां पर गंदगी देख वापस आ गईं। उन्होंने एसडीएम सहजनवां को एक प्रार्थना पत्र लिखा। बताया कि एसडीएम साहब आपकी तहसील बहुत अच्छी है। इसके लिए आप को बहुत बधाई। लेकिन, इसके साथ ही यह भी अवगत कराना है कि तहसील का शौचालय बहुत ही गंदा है। वहां पर किसी के जाने लायक नहीं है। इतना ही नहीं वहां पर पानी की व्यवस्था भी नहीं है। आप से अनुरोध है कि वहां सफाई और पानी की व्यवस्था कराने का कष्ट करें। ताकि तहसील दिवस में आने वाले कर्मचारियों को असुविधा न हो।

यह प्रार्थना-पत्र जब तहसीलदार के पास पहुंचा तो आरोप है कि वह मुख्य सेविका को धमकाने लगे। गंदगी है तो क्या वह सफाई करें। सफाई के लिए कोई बजट नहीं आता है। मुख्य सेविका ने कहा कि गांव में जो सामुदायिक शौचालय है, उसकी सफाई के लिए समूह की महिलाएं लगाई गई हैं। वह यह नहीं जानती बजट आता है कि नहीं पर उसे साफ कराया जा सकता है। वह शौचालय चेक करने नहीं गई थीं। अपनी जरूरत पर उसे यूज करने के लिए गईं थीं। वहां की गंदगी देख वापस आ गईं और यह प्रार्थना-पत्र एसडीएम को लिखा है। मुख्य सेविका ने बताया कि वह तहसील दिवस में पहली बार आईं थीं। गंदगी देख एसडीएम से शिकायत की। इस पर नाराज तहसीलदार ने कहा कि वह उनके कार्यालय की जांच करेंगे और तब बताएंगे।
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तहसील के शौचालय में कोई गंदगी नहीं है। दो दिन पहले ही उसकी सफाई कराई गई थी। मुख्य सेविका मानसिक रूप से बीमार हैं। वह यह चाहती हैं कि उन्हें तहसील दिवस में आना न पड़े, इसलिए इस तरह की बात कर रही हैं। उनके सीडीपीओ से बात किए हैं। सीडीपीओ ने बताया कि वह सदर तहसील में आए थे, इसलिए उन्हें वहां भेजा गया।
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सचिन सिंह, एसडीएम सहजनवां
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