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Gorakhpur News: बर्ड फ्लू से देश में पहली बार रिकवर हुए बाघ और तेंदुआ, जानिए कैसे हुई थी शक्ति और भैरवी की मौत

Sun, 22 Jun 2025 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में बाघिन शक्ति की बर्ड फ्लू से मौत हो गई थी। 12 मई को राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल से आई रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई थी। उसने एक दिन पहले पानी पीना बंद किया। इसके बाद मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर हो गया।
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चिड़ियाघर में मैलानी - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
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गोरखपुर चिड़ियाघर में बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक और हिमालयन गिद्ध बर्ड फ्लू से संक्रमण मुक्त हो गए हैं। चिड़ियाघर प्रशासन का दावा है कि देश में पहली बार है जब बाघ और तेंदुआ बर्ड फ्लू से रिकवर हुए हैं। अब तक संक्रमण से बिल्ली प्रजाति के वन्यजीवों की मौत हो जाती थी। यह अब बर्ड फ्लू के इलाज के लिए केस स्टडी बन गया है।
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शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में बाघिन शक्ति की बर्ड फ्लू से मौत हो गई थी। 12 मई को राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल से आई रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई थी। उसने एक दिन पहले पानी पीना बंद किया। इसके बाद मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर हो गया।

इसी तरह भेड़िया भैरवी और तेंदुआ मोना की भी मौत हुई थी। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन अलर्ट हो गया था। सभी जानवरों को इम्यून बूस्टर दिया जाने लगा। वन्यजीवों को डिहाइड्रेशन न हो, इसके लिए इलेक्ट्रोलाइट दिया गया। इसके बाद दूसरे वन्यजीवों का सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजा गया।
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23 मई को वहां से आई रिपोर्ट में बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और काकाटील में एच 5 एन 1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी। चिड़ियाघर के अस्पताल में इनका इलाज शुरू किया गया। बाघिन मैलानी की आंखें खराब हो चुकी हैं।

साथ ही उसकी उम्र भी अधिक है। वहीं, तेंदुए के शावकों का भी इम्युन सिस्टम कमजोर होने की वजह से खतरा अधिक था। लेकिन, इसके बाद दो भेजे गए दो सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। चिड़ियाघर प्रशासन का दावा है कि बर्ड फ्लू से संक्रमित बिल्ली प्रजाति के जानवरों की मौत हो जाती थी। लेकिन, यह पहली बार है कि ये सफलता पूर्वक रिकवर हो गए हैं।

लिवर-किडनी के लिए दीं दवाइयां
चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि शक्ति और भैरवी की मौत मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर की वजह से हुई थी। इसी को देखते हुए सभी वन्यजीवों को इम्युनो बूस्टर दिए गए। बर्ड फ्लू का वायरस किडनी और लिवर को डैमेज करता है, इसीलिए इसकी दवाइयां पहले ही देनी शुरू कर दीं। इसी वजह से ये जानवर स्वस्थ हो गए।

बीमारी के बाद वाले लक्षण के बारे में नहीं है जानकारी
चिड़ियाघर में बाघिन मैलानी, तेंदुए के शावक और हिमालयन गिद्ध की रिपोर्ट तो निगेटिव आ गई है, लेकिन बीमारी के बाद जानवर के स्वास्थ्य में क्या बदलाव आएंगे, इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। दरअसल, बर्ड फ्लू से स्वस्थ होने के बाद जानवरों के लक्षणों पर अभी कोई खास अध्ययन उपलब्ध नहीं है। उधर, मैलानी की उम्र भी ज्यादा है। भले ही वह निगेटिव हो गई है, लेकिन उसकी स्थिति अब भी स्थिर है।

चिड़ियाघर में बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और काकाटील बर्ड फ्लू से स्वस्थ हो गए हैं। इनकी दो रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। यह देश में पहली बार है जब बाघ और तेंदुआ बर्ड फ्लू से स्वस्थ हुए हैं। इनकी रिपोर्ट केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को भेज दी गई है। वहां से निर्देश प्राप्त होने के बाद चिड़ियाघर को दर्शकों के लिए खोल दिया जाएगा:  विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर
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