गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में बनने वाले वृहद मछलीघर के पहले चरण के निर्माण के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। चिड़ियाघर में आने वाले दर्शकों को बहुत जल्द समुद्र जैसा नजारा देखने को मिलेगा। मछलीघर का निर्माण कार्य नवंबर के अंत तक शुरू हो सकता है। प्रोजेक्ट पर करीब 150 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। दो से ढाई साल में पूरा होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप चिड़ियाघर प्रबंधन वृहद मछलीघर बनाने जा रहा है। डीपीआर भी तैयार हो गई है। गोरखपुर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए यह एक नया अहसास होगा। इसमें घूमकर वे दुनिया के विभिन्न देशों में पाई जाने वाली मछलियों को देख सकेंगे। इसमें प्रवेश के लिए एक शुल्क निर्धारित किया जाएगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा मछलीघर होगा। इसे 5500 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। इसमें मीठे पानी की करीब 80 प्रजाति की मछलियां देखने को मिलेंगी। मछलीघर में एक टनल बनाया जाएगा जिसमें घूमकर दर्शक मछलियों को देख सकेंगे। यह मेन टैंक करीब 1500 वर्ग मीटर का होगा। टनल की लंबाई करीब 60 मीटर, ऊंचाई और चौड़ाई तीन मीटर की होगी।
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देखने को मिलेंगी मीठे पानी की मछलियां
चिड़ियाघर में बनने वाले वृहद मछलीघर में मीठे पानी की मछलियां देखने को मिलेंगी। यह मछलियां करीब 10 फीट तक की होंगी। पूरे मछलीघर में दो हजार से भी अधिक मछलियां रहेंगी। इसमें गूंच कैटफिश, जाइंट फ्रेशवॉटर प्रॉन, रेटटेल कैटफिश, एरोवाना, रेनबो फिश, गौरामी, टाइगर बार्ब आदि मछलियां भी रखी जाएंगी। पहले चरण के निर्माण के लिए इसी महीने बजट स्वीकृत हो सकता है।
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कोट..
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप चिड़ियाघर में वृहद मछलीघर बनाया जाएगा। इसके लिए पहले चरण की मंजूरी मिल गई है। उम्मीद है जल्द ही बजट स्वीकृत हो जाएगा। इसके बाद नवंबर के अंत तक इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 150 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। निर्माण कार्य शुरू होने के दो से ढाई वर्षों में यह पूरा हो जाएगा।
- विकास यादव, निदेशक, चिड़ियाघर