गोरखपुर। राजघाट थानाक्षेत्र में शुक्रवार शाम बेसुध किशोरी के मिलने के मामले में पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। किशोरी का अपहरण नहीं बल्कि वह खुद अपने किशोर प्रेमी के साथ घर बसाने के लिए निकली थी। प्रेमी ने जब साथ रखने से इन्कार कर दिया तो उसने पैरासिटामॉल टेबलेट की ढेर सारी गोलियां खाकर खुदकुशी की कोशिश की थी।
राजघाट पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। किशोरी के बयान से पुलिस को ये जानकारियां मिलीं। सहजनवां थाना क्षेत्र से शुक्रवार सुबह (18 जुलाई) संदिग्ध हालात में लापता हुई 15 वर्षीय किशोरी देर शाम राजघाट क्षेत्र में अचेत अवस्था में सड़क पर मिली थी। इधर, परिजन उसकी खोजबीन कर रहे थे।
पुलिस ने जानकारी दी तो परिजन मेडिकल काॅलेज पहुंचे थे। एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि होश में आने के बाद पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो पता चला कि किशोरी अपने प्रेमी संग घर बसाने के लिए बिना बताए घर से निकल गई थी। दोनों राजघाट थानाक्षेत्र में मिले।
जहां किशोरी ने प्रेमी को कमरा किराए पर लेने की बात कही। इसके बाद उसका प्रेमी घबरा गया। साथ न रह पाने की बात कहते हुए वह किशोरी को छोड़कर चला गया। इससे क्षुब्ध होकर किशोरी पास के एक मेडिकल स्टोर पर गई। जहां पैरासिटामॉल टेबलेट खरीदकर खा लिया। कुछ देर बाद वह अचेत होकर गिर गई।
वहां से गुजर रहे राहगीरों ने सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद राजघाट पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। परिजनों ने किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई करने से इन्कार कर दिया। लिहाजा, पुलिस ने किशोरी का बयान दर्ज कर उसे परिजनों के हवाले कर दिया।