गोरखपुर। छपरा से लखनऊ के बीच करीब 425 किमी लंबाई में तीसरी लाइन के निर्माण के लिए बचे हुए 271 किमी लंबाई में अलग-अलग स्थानों पर सर्वे शुरू हो गया है। अगस्त तक सर्वे कराने के बाद डीपीआर बनाने की तैयारी है। दिसंबर 2025 तक कार्य को पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। तीसरी लाइन के बनने से ट्रेनें सरपट दौड़ेंगी और यात्रियों को सफर तय करने में समय की बचत होगी।
इस रेलवे लाइन पर करीब 96 किमी लंबाई में तीसरी लाइन के लिए काम चल रहा है। बुढवल-गोंडा 61 किमी में गोंडा कचहरी से करनैलगंज तक करीबन 23.65 किलोमीटर की तीसरी लाइन का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। इसके अलावा खलीलाबाद से बैतालपुर तक 85 किलोमीटर रेलवे लाइन का सर्वे पूरा कराकर डीपीआर भेजा जा चुका है। अब बैतालुपर से छपरा और खलीलाबाद से गोंडा और करनैलगंज से लखनऊ तक तीसरी लाइन बनाने के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। सर्वे के बाद डीपीआर तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
गर्मी में गोरखपुर से होकर गुजरीं 185 ट्रेनें
गोरखपुर। गोरखपुर से यात्रा प्रारंभ करने वाली ट्रेनों के साथ ही बिहार से इस गर्मी के सीजन में कुल 185 ट्रेनें गुजरीं। इसमें 45 स्पेशल व क्लोन ट्रेनें शामिल हैं। इस रूट पर ज्यादा ट्रेनें होने के चलते कभी-कभी ट्रेनें समय से संचालित नहीं हो पा रही हैं। तीसरी लाइन के बनने के बाद ट्रेनों के संचालन में रेल प्रशासन को सुविधा होगी, वहीं ट्रेनें गंतव्य तक जल्दी पहुंचाएंगी।
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इस साल पूरा हो जाएगा कैंट से डोमिनगढ़ तक काम
कैंट से डोमिनगढ़ तक तीसरी रेल लाइन का काम दिसंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तीसरी रेल लाइन को 110 किलोमीटर की रफ्तार से चलने के लायक बनाया जा रहा है। कैंट से कुसम्ही तक तीसरी रेलवे लाइन पर 110 किलोमीटर की स्पीड से ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। अभी इस ट्रैक पर अलग-अलग खंड में 80 से 100 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेनें चलती हैं।
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कोट
पूर्वोत्तर रेलवे पर तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार किया जा रहा है। छोटी-बड़ी लाइन फिर दोहरीकरण और अब तीसरी लाइन का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे यात्रियों की मांग के अनुरूप अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का मार्ग सुगम हो सके। इसी क्रम में गोंडा कचहरी से करनैलगंज के मध्य तीसरी लाइन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बृहस्पतिवार को रेल संरक्षा आयुक्त इसका निरीक्षण करेंगे। छपरा-लखनऊ रेलखंड पर तीसरी लाइन के लिए अन्य जगहों पर सर्वे चल रहा है।
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर