गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। तीखी धूप लोगों के चेहरे और हाथ-पैर की त्वचा को झुलसाने लगी है। हालात यह हैं कि सनबर्न, रेड स्पाॅट, खुजली के मरीजों की संख्या जिला अस्पताल की ओपीडी में बढ़ गई है। इसके साथ ही पहले से झांई, मुंहासे वाले मरीजों की समस्या और भी बढ़ गई है। उनके चेहरे के स्पॉट और भी गहरे हो गए हैं।
सनबर्न के मरीज खुजली और जलन की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। सूरज की रोशनी के सीधे संपर्क में आनेवाले शरीर के हिस्सों जैसे चेहरे, गर्दन, हाथ और पैर पर छोटे-छोटे दाने, गहरे लाल धब्बे हो जाने की समस्या पैदा हो रही है। इसके साथ ही चेहरे को सुरक्षित रखने के लिए बिना परामर्श सन्स क्रीम लगाने से भी चेहरे पर जलन की समस्या लेकर कुछ मरीज आ रहे हैं।
गलत क्रीम से उनके चेहरे पर उपस्थित दाग और भी गहरे हो गए है जिससे उनकी दिक्कत बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 लोग सनबर्न और त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर आ रहे हैं।
सलाह-
दिन में 11 बजे से 3 बजे तक आवश्यकता पड़ने पर ही बाहर निकलें, धूप के सीधा संपर्क में रहने से जितना हो सके बचें।
पूरी आस्तीन के कपड़े पहने, बाहर छाता लेकर जाए।
डाॅक्टर के परामर्श पर त्वचा के टाइप के अनुसार ही सन्स क्रीम का उपयोग करें।
प्राकृतिक चीजों के सम्पर्क में रहें। हरी सब्जियां और फल खाएं, पानी अधिक पीएं।
झाई वाले मरीज स्टेरॉयड वाली क्रीम का उपयोग बिल्कुल भी ना करें, अन्यथा समस्या और भी बढ़ सकती है।
सन्सक्रीम का इस्तेमाल डॉक्टर के परामर्श पर ही करें।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में सनबर्न के मरीजों की संख्या ज्यादा दिख रही है। इन दिनों तापमान तेजी से बढ़ रहा है। दोपहर के समय तापमान और भी ज्यादा रहता है। ऐसे में पानी ज्यादा पीएं और तरल पदार्थ का अत्याधिक सेवन करें। धूप से बचने की कोशिश करें। डॉक्टर से परामर्श के बाद सन्स क्रीम लगाए।