गोरखपुर। खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदियों में से शनिवार को रोहिन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 17 सेमी नीचे आ गया। जबकि, राप्ती नदी अब भी खतरे के निशान से 81 सेमी ऊपर बह रही है। सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे आ रहा है। लेकिन, वह अब भी खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर है। बाढ़ के कारण 43 गांव प्रभावित है। इन गांवों में 129 नांवों को लगाया गया है। प्रभावित गावों में प्रशासन की तरफ से 1800 राशन किट का वितरण किया गया है।
नेपाल में भारी बारिश की वजह से पूरे मंडल में बाढ़ से हालात हो गए थे। सरयू, राप्ती, रोहिन जैसी नदियों में उफान आ गया। इससे जिले में एक बार फिर बाढ़ के हालात हो गए। 43 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए। इन गांवों में प्रशासन राहत सामग्री का वितरण करा रहा है। राप्ती की वजह से चार तहसीलों में लोगों को मुुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी नीचे उतरना शुरू हो गया है, लेकिन राप्ती अब भी खतरे के निशान से काफी ऊपर है। इस कारण विकट स्थिति बनी हुई है।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता का कहना है कि गंगा नदी में पानी अधिक होने के कारण सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है। जब सरयू का पानी तेजी से घटने लगेगा तभी राप्ती नदी का पानी तेजी से नीचे आएगा। पानी कम होने पर नदी कटान करती है। लेकिन, अभी स्थिति सामान्य है। विभाग लगातार निगरानी का रहा है।