नेपाल की तराई में भारी बारिश होने पर गोरखपुर की नदियां तेजी से उफान पर आ जाती हैं। इधर, दो दिन से नेपाल के मैदानी इलाकों में तेज बारिश हो रही है। इसका असर राप्ती, रोहिन, गंडक आदि नदियों के जलस्तर पर पड़ने लगा है। नेपाल से निकलकर यूपी में नदियों में मिलने वाले बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर गोरखपुर से होकर बहने वाली नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। बीते 24 घंटे में राप्ती नदी के जलस्तर में करीब दो मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, रोहिन नदी अब खतरे के निशान से मात्र 39 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।
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अगर जलस्तर में इसी तरह तेजी बनी रही तो कैंपियरगंज, गोरखपुर सदर और बड़हलगंज क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं। नेपाल की तराई में भारी बारिश होने पर गोरखपुर की नदियां तेजी से उफान पर आ जाती हैं। इधर, दो दिन से नेपाल के मैदानी इलाकों में तेज बारिश हो रही है।
इसका असर राप्ती, रोहिन, गंडक आदि नदियों के जलस्तर पर पड़ने लगा है। नेपाल से निकलकर यूपी में नदियों में मिलने वाले बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सरयू नदी के जलस्तर में भी पांच सेंटीमीटर की बढ़त दर्ज की गई है। इस नदी में तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे तटवर्ती इलाकों में लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
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वहीं, स्थानीय बारिश का सिलसिला भी जारी है और मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। इससे आमी और गोर्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ सकता है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। जलस्तर में और इजाफा होने पर निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा है।