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Gorakhpur News: फर्जी स्टांप

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गोरखपुर। फर्जी स्टांप व जाली नोट छापने वाले गिरोह के नवाब आरजू, अरविंद निषाद व गोपाल तिवारी पर एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर ने शुक्रवार को 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
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बिहार के सिवान, कुशीनगर व गोरखपुर जिले के रहने वाले आरोपी नाम प्रकाश में आने के बाद से फरार चल रहे हैं। पांच माह से एसआईटी व क्राइम ब्रांच की टीम इनकी तलाश में छापा मार रही है। सरगना समेत आठ आरोपियों को पुलिस इस मामले में जेल भिजवा चुकी है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि फर्जी स्टांप प्रकरण में आठ जनवरी 2024 को जिलाधिकारी के आदेश पर उपनिबंधक प्रथम सदर तहसील ने कैंट थाने में अधिवक्ता व स्टांप विक्रेता के विरुद्ध केस दर्ज करवाया था।
जांच में इस मामले के तार बिहार के सिवान जिले से जुड़े होने की जानकारी मिली। इसके बाद मामले का पर्दाफाश करने के लिए सीओ कैंट अंशिका वर्मा की अगुवाई में एसआईटी गठित हुई। पांच अप्रैल 2024 को एसआईटी ने बिहार के सिवान जिले के मोफस्सिल थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी मोहम्मद कमरुद्दीन, उसके नाती साहेबजादे, गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के समय माता मंदिर के पास रहने वाले रामलखन जायसवाल, कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के जानकीनगर निवासी ऐश मोहम्मद, कुशीनगर के पडरौना के सिरसिया निवासी रविंद्र दीक्षित, देवरिया के भाटपार थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 22 निवासी संतोष गुप्ता और पडरौना के बकुलहा निवासी नंदू उर्फ नंदलाल को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से स्टांप छापने वाली मशीन, एक करोड़ 52 हजार, 30 रुपये के फर्जी स्टांप, गैर न्यायिक स्टांप उप्र और बिहार का, टिकट, एक लैपटाप, 100 पैकेट इंक, पेपर कटर मशीन और सादे कागज बरामद किए।
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एक आरोपी दत्त मिश्रा को पहले ही जेल भिजवाया गया था। पूछताछ में पता चला कि कमरुद्दीन का बेटा नवाब आरजू उर्फ लालू भी गिरोह से जुड़ा है। वह जाली नोट छापता है। बेलघाट के बभनौली गांव के अरविन्द निषाद उर्फ रंजीत व कुशीनगर, कसया के चिरगोड़ा गांव में रहने वाले गोपाल तिवारी उससे फर्जी स्टांप लेकर बेचते हैं। नाम प्रकाश में आने के बाद ये फरार हो गए।
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