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रेलवे अस्पताल: रात में ड्यूटी लगने से परेशान हैं महिला डॉक्टर

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गोरखपुर। कोलकाता मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद महिला डॉक्टर ऑफ टाइम और रात की ड्यूटी को लेकर असहज हैं। रेलवे अस्पताल की तीन महिला डॉक्टर शनिवार व रविवार के अलावा रात में इमरजेंसी ड्यूटी लगने से खुद को इतना असुरक्षित महसूस कर रही हैं कि ड्यूटी के लिए परिजन को साथ लेकर आती हैं। वहीं इन चिकित्सकों ने अस्पताल प्रबंधन पर भी मनमानी का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि एक महिला की इमरजेंसी में ड्यूटी नहीं लगाई जाती, तीन की लगती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है जिस महिला डॉक्टर को लेकर आरोप लगाया जा रहा है, वह इस्तीफा दे चुकी है।
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असुरन चौराहे के नजदीक ललित नारायण मिश्र रेलवे अस्पताल है। इसमें रेलकर्मियों और उनके परिजनों का उपचार होता है। एक महिला डॉक्टर के पिता ने बताया कि उनकी बेटी अस्पताल में ड्यूटी को लेकर तनाव में है। वजह यह कि उसकी शनिवार व रविवार को ड्यूटी अधिक लगती है। दूसरी ओर रात में 10 से सुबह आठ बजे तक के शिफ्ट में ड्यूटी लगने पर महिला डॉक्टर अनहोनी की आशंका से तनावग्रस्त रहती हैं।
महिला डॉक्टरों की ड्यूटी जब रात में लगती है तो उनके घर का कोई न कोई सदस्य उन्हें छोड़ने आता है। रात में भी हर दो घंटे पर फोन कर उनसे बात करके हौसला बढ़ाते हैं। महिला डॉक्टरों का कहना है कि ड्यूटी के लिए जो रोस्टर जारी किया गया है, उसमें दोपहर दो से रात 10 बजे तक वाले शिफ्ट में एक-एक दिन के अंतराल में दो डॉक्टर व रात 10 से सुबह 8 बजे वाले शिफ्ट में दो महिला डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
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रविवार को महिला डॉक्टरों की ही ड्यूटी
महीने के तीसरे रविवार को दोनों पॉली में सिर्फ महिला डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। पांचवें रविवार को भी दोनों शिफ्ट में महिला डॉक्टरों की ही ड्यूटी लगी है। वहीं चौथे रविवार को सुबह की पाली में महिला डॉक्टर व शाम की पाली में पुरुष डॉक्टरों की ड्यूटी है। महिला डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन से जुड़े एक शख्स की बेटी भी यहां डॉक्टर है। उसके दबाव के चलते अन्य महिला डॉक्टरों की ड्यूटी ऐसे टाइम पर लगाई जाती है ताकि वह परेशान हों।
वर्जन
महिला डॉक्टरों की इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी लगाने में किसी प्रकार की मनमानी नहीं की गई है। जिस महिला की ड्यूटी को लेकर आपत्ति जताई जा रही है, उसने रिजाइन कर दिया है। अगर किसी को ड्यूटी में दिक्कत है तो लिखित शिकायत करे।
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डॉ. पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ
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