गोरखपुर। पीडब्ल्यूडी के खंड तीन में तैनात एक लेखाधिकारी सत्तारूढ़ दल के तीन विधायकों के शिकायती पत्र पर भारी पड़ रहा है। शिकायत के दो वर्ष बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर मुख्य अभियंता (परिवाद) लोक निर्माण विभाग लखनऊ ने गोरखपुर के मुख्य अभियंता से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने मामले की जांच कर पूर्व में शिकायती पत्र को दबाने वालों पर कार्रवाई कर सूचित करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, आदर्श पूर्वांचल ठेकेदार समिति की ओर से अध्यक्ष शरद सिंह ने निर्माण खंड भवन से मिले धन, आंवटन और खर्च के संबंध में स्पेशल ऑडिट सहित अन्य बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए शिकायत करके जांच कराने की मांग उठाई थी। उनके पत्र पर जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने यह मामला कैंपियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह, पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह और ग्रामीण विधायक विपिन सिंह के सामने रखा। इस संबंध में वर्ष 2022 के जून माह में तीन अलग-अलग पत्र भेजे गए। विधायकों ने प्रकरण में जांच कराने को कहा। लेकिन उनके पत्रों को भी नजरअंदाज कर दिया गया। तभी से जांच पूरी नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। इसको लखनऊ से मुख्य अभियंता (परिवाद) राजीव कुमार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने 9 अक्तूबर को पत्र भेजकर पीडब्ल्यूडी गोरखपुर क्षेत्र के मुख्य अभियंता से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि पूर्व के पत्र की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई कर सूचित करने का निर्देश दिया है।