फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: एमएमएमयूटी के प्रो. डीके द्विवेदी और प्रो. राजेश कुमार यादव शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए के शोधकर्ताओं की ओर से तैयार की गई दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दो और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के तीन शिक्षक शामिल हैं। सूची में इस वर्ष दुनियाभर के 2,23,153 वैज्ञानिकों को शामिल किया गया है।
विज्ञापन




मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दो वैज्ञानिकों क्रमश: भौतिकी के प्रो. डीके द्विवेदी और केमिस्ट्री के प्रो. राजेश यादव ने जगह बनाई है। इन दोनों वैज्ञानिकों के करीब 200-200 शोध पत्र विभिन्न जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।



प्रो. डीके द्विवेदी ने डीडीयू से बीएससी, एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वह शुरुआत में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से जुड़े थे। बाद में डीडीयू में लेक्चरर बने। वर्ष 2009 से वह एमएमएमयूटी में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता का क्षेत्र सोलर सेल, लीथियम ऑयन बैटरी, आप्टिकल सेंसर्स है।
विज्ञापन




प्रो. राजेश कुमार यादव पूर्वांचल विश्वविद्यालय से बीएससी और एमएससी तथा मेरठ विश्वविद्यालय से पीएचडी हैं। उन्होंने करीब 10 वर्षों तक दक्षिण कोरिया में शोधकर्ता के तौर पर काम किया है। वर्ष 2017 से एमएमएमयूटी में कार्यरत हैं। इनकी विशेषज्ञता का क्षेत्र आर्टिफिशियल फोटोसिंथेसिस है। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि पर बधाई दी है।



डीडीयू के प्रो. एनबी सिंह, प्रो. गुरदीप सिंह व प्रो. रविकांत उपाध्याय ने फिर बनाई जगह



गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायन विभाग के अध्यक्ष और डीन साइंस रहे प्रो. एनबी सिंह लगातार चौथी बार इस सूची में स्थान बनाने में सफल रहे हैं। उनकी अब तक कुल 340 रिसर्च पेपर देश-दुनिया के प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। वह वर्ष 1967 से 2006 तक डीडीयू में कार्यरत रहे। वर्तमान में शारदा यूनिवर्सिटी में एमिरेट्स प्रोफेसर हैं। मैटेरियल साइंस उनकी विशेषज्ञता का क्षेत्र है।



डीडीयू के केमिस्ट्री विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर गुरदीप सिंह को भी इस सूची में शामिल किया गया है। प्रो. गुरदीप के भी अब तक 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं। वह गुड़गांव में रहते हैं। तीसरी बार उन्हें इस प्रतिष्ठित सूची में जगह मिली है। फिजिकल केमिस्ट्री उनकी विशेषज्ञता का क्षेत्र है। उन्होंने करीब 30 वर्षों तक डीडीयू में सेवाएं दीं।



डीडीयू के प्राणि विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. रविकांत उपाध्याय लगातार पांचवीं बार इस सूची में शामिल किए गए हैं। उनके अब तक 150 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।



कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सभी वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गौरवपूर्ण उपलब्धि है। हमारे संकाय लगातार वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह मान्यता शोध की गुणवत्ता और हमारे संकाय सदस्यों के समर्पण का प्रमाण है। डीन साइंस प्रो. शांतनु रस्तोगी और केमिस्ट्री के विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी ने भी बधाई दी है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें