फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस, अंतरिम जमानत पत्र दिखाने पर लौटी

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। जंगल कौड़िया की एसबीआई शाखा में 80 लाख रुपये से अधिक की जालसाजी के मामले में नित नए-नए खुलासे हो रहे हैं। बुधवार को मामले में पता चला कि पुलिस तत्कालीन ब्रांच मैनेजर के तारामंडल स्थित घर पर पहुंच गई थी, लेकिन उसने कोर्ट के अंतरित जमानत का कागज दिखाया तो वह लौटी आई। बुधवार को पुलिस से इसकी जानकारी हुई।
विज्ञापन




पुलिस के अनुसार, अब अंतरिम जमानत की अवधि खत्म होने के बाद ही उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है। उधर, मंगलवार को शाखा में जांच कर लौटी एसबीआई की टीम दशहरे के बाद फिर आ सकती है। वह अपनी अलग जांच कर रही है।



एसबीआई में एफडी, पेंशन लोन, केसीसी समेत अन्य योजनाओं में 80 लाख की जालसाजी का मामला जून 2024 में सामने आया था। इसके बाद शाखा प्रबंधक भास्कर भूषण और अकाउंटेंट अमरेंद्र कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया था। मामले में पुलिस ने रविवार को अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि शाखा प्रबंधक की तलाश चल रही थी।
विज्ञापन




मास्टरमाइंड बताए जा रहे कैंटीन बॉय पंकज मणि त्रिपाठी के अंतरिम जमानत लेने की वजह से पुलिस उसके पास नहीं गई। बुधवार को पता चला कि अकाउंटेंट की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस आरोपी तत्कालीन शाखा प्रबंधक के पास भी पहुंच गई थी। शाखा प्रबंधक ने अंतरिम जमानत के कागजात दिखाए तो पुलिस लौट गई।



अब मामले में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस के लिए अब ब्रांच मैनेजर और कैंटीन बॉय को गिरफ्तार करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जमानत खत्म होने के बाद बिना कोर्ट नोटिस के गिरफ्तारी संभव नहीं है। कैंटीन बॉय पंकज मणि की अंतरिम जमानत की अवधि 18 अक्तूबर को समाप्त हो जाएगी। वहीं, ब्रांच मैनेजर की अंतरिम जमानत की अवधि भी इसी डेट के आसपास बताई जा रही है।



जांच टीम को मिले कुछ अहम सुराग



जांच करने आई मंडल स्तर की टीम को जांच के दौरान कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। हालांकि टीम ने कुछ भी शेयर नहीं किया। वह दस्तावेज को साथ लेकर चली गई। अब संभावना जताई जा रही है कि दशहरे के बाद टीम एक बार फिर आ सकती है। हालांकि टीम की आंतरिक जांच चल रही है। उधर, बुधवार को भी बड़ी संख्या में लोग शाखा में आए और अपने खातों की जांच कराई।



और भी सामने आ सकते हैं जालसाजी के शिकार



मामले में जालसाजी के दो और शिकार मंगलवार को सामने आए थे। दोनों ने शाखा प्रबंधक को विगत दिनों प्रार्थना पत्र भी दिया था। दोनों ने लाखों रुपये की एफडी को बिना उनकी बिना जानकारी के तोड़कर दूसरे के खाते में रकम ट्रांसफर करने की बात कही। पक्की रसीद उनके पास होने का दावा किया। फिलहाल अभी आशंका जताई जा रही है कि विदेशों में रहने वाले छुट्टी में घर आने पर अपने खातों की जानकारी करने आएंगे। विदेशों में रहने वालों की भी संख्या अच्छी खासी है।



वर्जन



अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। ब्रांच मैनेजर और कैंटीन बॉय अंतरिम जमानत पर हैं। जमानत खत्म होते ही इनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन




-गौरव त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी, कैंपियरगंज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें