रामगढ़ताल में प्लेटफाॅर्म नंबर एक से बोटिंग को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका खारिज कर दी गई है। अब नई बोली में अधिकार पाने वाली फर्म के साथ अनुबंध का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही ताल में इस प्लेटफाॅर्म से भी बोटिंग शुरू हो सकती है।
जीडीए में पिछले महीने में रामगढ़ताल में अलग-अलग प्लेटफाॅर्म से नाव संचालन के लिए ई-नीलामी आयोजित की गई थी।
एक लाख 10 हजार रुपये आधार मूल्य था। सर्वाधिक बोली एक लाख 70 हजार रुपये की लगी, लेकिन पिछले साल जीडीए को यहां ढाई लाख रुपये से अधिक किराया मिलता था। इसलिए प्राधिकरण ने इस नीलामी को निरस्त कर दिया। इसके बाद 30 सितंबर को दोबारा नीलामी कराई गई। इसमें एक फर्म ने हर महीने 18 लाख 60 हजार रुपये किराया देने की बोली लगाई। 150 बोली के साथ इतनी बड़ी धनराशि का प्रस्ताव देकर फर्म ने सभी को सकते में डाल दिया था।
फर्म की ओर से जीडीए में अनुबंध कराने के लिए संपर्क किया गया था। इस बीच प्राधिकरण की नजर हाईकोर्ट पर भी थी। वहां सुनवाई के दौरान जीडीए की ओर से भी पक्ष रखा गया और याचिका खारिज हो गई। अब नई फर्म के साथ अनुबंध किया जा सकता है। प्लेटफाॅर्म नंबर एक को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
जल्द ही पर्यटकों को यहां से बोटिंग का रोमांच मिलेगा। जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि पिछली बार हुई ई-नीलामी में शामिल एक फर्म ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद याचिका खारिज हो गई है। अब नई फर्म के साथ जल्द ही अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।