गोरखपुर/जगतबेला। टिकरिया गांव के पोखरे में रविवार को मगरमच्छ देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। बच्चे और महिलाएं घरों में कैद हो गए। दोपहर में मगरमच्छ पोखरे से निकलकर बगल में खेत में पहुंच गया। सात से आठ फीट लंबे मगरमच्छ को पकड़ने के लिए जेसीबी मंगवाई गई और बाजरे की फसल काट दी गई। लेकिन, पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी वन विभाग की टीम उसे पकड़ नहीं पाई। ग्रामीणों की शोर से वह फिर पोखरे में चला गया। रात में वन विभाग की टीम और ग्रामीण निगरानी कर रहे हैं।
टिकरिया गांव के पूरब कौड़िया-कालेसर फोरलेन के सर्विस लेन के बगल में स्थित पोखरे में इस समय पानी भरा हुआ है। रविवार सुबह पांच बजे के करीब अखिलेश यादव ने पोखरे में मगरमच्छ को देखकर शोर मचाया।मौके पर ग्रामीणाें की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने डायल 112 और वन विभाग को सूचना दी। पोखरे में सब मगरमच्छ को देखने लगे। कुछ ही देर में कैंपियरगंज रेंज से वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद उसको पकड़ने के लिए कोशिश शुरू हो गई। ग्रामीणाें के अनुसार मगरमच्छ करीब सात से आठ फीट का था। पोखरे के बगल में बाजरे की फसल थी। मगरमच्छ पोखरे से लेकर बाजरे के खेत में घूम रहा था। खेत में जाने के बाद वह दिखना बंद हो गया। इसकी वजह से ग्रामीणों ने बाजरे की फसल काट दी ताकि उसको रेस्क्यू किया जा सके। लेकिन फिर भी वह नहीं दिखा।
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जेसीबी आई तो दिख गया मगरमच्छ
दोपहर तीन बजे तक लगातार कोशिश के बाद भी मगरमच्छ नहीं दिखा तो ग्रामीणों ने जेसीबी मंगवाई। जेसीबी बाजरे के खेत में पहुंची तो एक बार मगरमच्छ निकला लेकिन फिर वह पोखरे की तरफ भाग गया। इसके बाद पोखरे के पास जाकर पानी में जेसीबी ने हरकत की तो फिर वह दूसरे कोने में पहुंच गया। मगरमच्छ की सूचना के बाद टिकरिया के साथ ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। करीब 200 लोग तो पोखरे के पास खड़े होकर ही फोटो-वीडियो बनाते रहे। इसके अलावा हाईवे के ऊपर भी सैकड़ों लोग खड़े होकर पोखरे में देख रहे थे। मगरमच्छ जब भी दिखाई देता तो भीड़ शोर मचाना शुरू कर देती। शोर सुनकर वह दोबारा पानी में घुस जाता। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। वन विभाग के उप वनाधिकारी डाॅ. हरेंद्र सिंह ने बताया कि मगरमच्छ का रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग की तीन सदस्यीय टीम गांव में डेरा डाले हैं। पोखरे में पानी भरा है। उसको पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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छत पर बैठ कर देखती रहीं महिलाएं और बच्चे
मगरमच्छ की सूचना के बाद पोखरे के पास वाले घरों में महिलाओं ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। साथ ही बच्चों को लेकर छत पर चली गईं। वहीं पर बैठकर वह पूरे घटनाक्रम को देखती रहीं। पोखरे के बगल में रहने वाली महिमा और खुशी ने बताया कि मगरमच्छ को सुबह उन्होंने देखा था। इसके बाद से ही डरी हुई हैं। कहा कि यदि पकड़ा नहीं गया रात में नींद नहीं आएगी। हमें तो डर लग रहा है कि कहीं मगरमच्छ घर में न घुस जाए। शकुंतला ने कहा कि रात तक मगरमच्छ नहीं पकड़ा गया तो फिर दूसरे घर में चले जाएंगी।