दरअसल, प्रशिक्षण ले रहीं ज्यादातर महिला प्रशिक्षु गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज और कुशीनगर की हैं। बताया जा रहा है कि एक विवाहित प्रशिक्षु तीन माह की गर्भवती थी। उससे एक शपथपत्र लेकर कैंप से भेज दिया गया। यहां तक तो मामला ठीक था लेकिन इसके बाद सभी प्रशिक्षु की प्रेग्नेंसी जांच का आदेश दे दिया गया। प्रेग्नेंसी जांच की बात प्रशिक्षुओं ने घरवालों को बताई तो वे भी भड़क गए।
महिला रिक्रूट हंगामा मामले में जिम्मेदारों की लापरवाही परत दर परत खुलती जा रही है। पता चला है कि पहले एक गर्भवती महिला प्रशिक्षु को कैंप से घर भेज दिया गया। फिर सभी प्रशिक्षु की प्रेग्नेंसी जांच का आदेश दे दिया गया। इससे महिला प्रशिक्षुओं में आक्रोश पनपा फिर रही-सही कसर सेंटर की अव्यवस्था ने पूरी कर दी। फिर मामला इतना आगे बढ़ गया कि संभालना मुश्किल हो गया।
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अंदरखाने की खबर है कि सप्ताहभर से भीषण गर्मी में प्रशिक्षु परेशान थीं। नया कूलर परिसर में रखा था लेकिन लगवाया नहीं गया। जब महिला प्रशिक्षुओं ने खुद के खर्चे से पंखा लगवाने की बात कही तो उन्होंने जमकर डांट सुननी पड़ी। इसके बाद उनका गुस्सा भड़क उठा और वे व्यवस्था के खिलाफ मुखर हो गईं।
दरअसल, प्रशिक्षण ले रहीं ज्यादातर महिला प्रशिक्षु गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज और कुशीनगर की हैं। बताया जा रहा है कि एक विवाहित प्रशिक्षु तीन माह की गर्भवती थी। उससे एक शपथपत्र लेकर कैंप से भेज दिया गया। यहां तक तो मामला ठीक था लेकिन इसके बाद सभी प्रशिक्षु की प्रेग्नेंसी जांच का आदेश दे दिया गया। प्रेग्नेंसी जांच की बात प्रशिक्षुओं ने घरवालों को बताई तो वे भी भड़क गए।
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बताया जा रहा है स्थानीय होने के चलते उन्हें परिवार और रिश्तेदार का समर्थन भी था। वहीं, व्यवस्था में सुधार के लिए बजट भी आया था। प्रशिक्षुओं ने परिसर में व्यवस्था ठीक न होता देख आरटीसी प्रभारी से निजी रूम लेकर रहने या घर से आने की बात भी कही थी, लेकिन मना कर दिया गया। एक कमरे में 30 प्रशिक्षु रह रहीं थी और एक पंखा लगा था। उन्होंने पंखा लगवाने की बात कही।
प्रशिक्षुओं ने खुद के खर्चे से और पंखा लगवाने को कहा तो उनसे कहा गया कि बिजली का बिल कौन भरेगा? इसके अलावा अव्यवस्था की शिकायत करने गईं महिला प्रशिक्षुओं को जमकर डांट और तिरस्कार मिला। चार-पांच दिनों से महिला प्रशिक्षुओं के अंदर ही अंदर माहौल गरम हो रहा था और इसे अधिकारी भांप नहीं पाए।
उन्हें लगा कि बात परिसर से बाहर नहीं जाएगी और प्रशिक्षु डर जाएंगी लेकिन मामला उलट गया और जब प्रशिक्षु सड़क पर उतर गईं तो मामला बड़ा हो गया।