राजस्थान के युवक से लूट के प्रकरण में शक के दायरे में आए चौकी इंचार्ज नौसड़ शुभम श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। इस लूट कांड के बाद चौकी इंचार्ज मुंबई रवाना हो गए थे। चौकी इंचार्ज पर बिना अनुमति गैर प्रदेश जाने का आरोप भी है। इस प्रकरण में चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिसकर्मी जांच के दायरे में हैं।
मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है। जल्द ही दो अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। बेलीपार इलाके में पिछौरा गांव का रविशंकर राजस्थान में काम करता है। उसने वहीं पर घर बना लिया है। इधर वह किसी काम के सिलसिले में गांव आया था।
आरोप है कि पांच अगस्त को इलाके से कार सवारों ने उसे अगवा कर 90 हजार रुपये लूट लिए थे। लूट की वारदात को सीसीटीवी कैमरे से बचते हुए बदमाशों ने अंजाम दिया। मामले में अगले दिन बदमाशों ने चार लाख रुपये लेकर फिर बुलाया था। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसपी सिटी अभिनव त्यागी से की थी।
इसके बाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर कार और बाइक सवार पांच अज्ञात के खिलाफ राजघाट थाने में केस दर्ज कर लिया। लूट करने वालों ने खुद को पुलिस के क्राइम ब्रांच का बताया था। उसी दिन से चौकी इंचार्ज समेत तीन पुलिसकर्मियों के मोबाइल भी बंद थे। इस वजह से उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई।
बाद में पता चला कि तीनों पुलिस वाले जीडी में रवानगी दर्ज कर किशोरी को बरामद करने के नाम पर मुंबई चले गए। इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। अब मामले का संज्ञान लेते हुए एसएसपी राजकरन नय्यर ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि दो सिपाही भी साथ गए हैं, उन पर भी जल्द कार्रवाई संभव है।
शक के दायरे में आए चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है ताकि विवेचना प्रभावित न हो सके। साथ ही मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी:
राजकरन नय्यर, एसएसपी